कोलकाता-यूरोप सीधी उड़ानें: केंद्रीय मंत्री नायडू का भरोसा, पश्चिम बंगाल में 8 नए एयरपोर्ट का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने 6 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में घोषणा की कि उनका मंत्रालय शीघ्र ही विभिन्न एयरलाइन कंपनियों के साथ बातचीत आरंभ करेगा, जिससे कोलकाता को लंदन समेत यूरोप के प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों द्वारा जोड़ा जा सके। यह घोषणा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच चार नए क्षेत्रीय एयरपोर्ट के विकास हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के अवसर पर की गई।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंत्री नायडू से यूरोपीय शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की प्रक्रिया तेज़ करने का विशेष अनुरोध किया। नायडू ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस विषय पर एयरलाइन कंपनियों से जल्द ही संवाद स्थापित करेगा।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में एक पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का अनुरोध भी रखा, जिस पर मंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का संकेत दिया।
चार नए एयरपोर्ट — एमओयू की विस्तृत जानकारी
केंद्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत हस्ताक्षरित एमओयू में जिन चार क्षेत्रीय एयरपोर्ट को शामिल किया गया, वे हैं:
पुरुलिया जिले का छर्रा, दक्षिण दिनाजपुर जिले का बालुरघाट, अलीपुरद्वार जिले का हासीमारा सिविल एन्क्लेव और पश्चिम मेदिनीपुर जिले का कलाईकुंडा। उल्लेखनीय है कि हासीमारा और कलाईकुंडा भारतीय वायुसेना के महत्त्वपूर्ण ठिकाने भी हैं।
इस समझौते के अंतर्गत राज्य सरकार आवश्यक भूमि, सड़क संपर्क, बिजली एवं जल आपूर्ति और बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, जबकि केंद्र सरकार एयरपोर्ट के मुख्य बुनियादी ढाँचे, रनवे नवीनीकरण, टर्मिनल भवन और तकनीकी पहलुओं की जिम्मेदारी वहन करेगी।
सरकार की प्रतिक्रिया और बड़ा लक्ष्य
मंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि उनके मंत्रालय का समग्र लक्ष्य पश्चिम बंगाल में कुल आठ नए एयरपोर्ट स्थापित करना है — सोमवार को चार के लिए एमओयू हो चुका है, शेष चार की प्रक्रिया आगामी चरणों में होगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पूरा विकास कार्य केंद्र और राज्य के बीच समन्वित प्रयास से संपन्न होगा।
गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब पूर्वी भारत में हवाई संपर्क को मज़बूत करने की माँग लंबे समय से उठती रही है। कोलकाता से यूरोप के लिए सीधी उड़ानों की अनुपस्थिति व्यापार एवं पर्यटन दोनों क्षेत्रों के लिए एक बाधा मानी जाती है।
आम जनता और उद्योग पर असर
यदि कोलकाता-यूरोप सीधी उड़ानें साकार होती हैं, तो यात्रा समय और लागत दोनों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है, क्योंकि अभी यात्रियों को दिल्ली या मुंबई होकर कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती है। नए क्षेत्रीय एयरपोर्ट से पुरुलिया, बालुरघाट, हासीमारा और कलाईकुंडा जैसे दूरदराज़ के जिलों में आर्थिक गतिविधि तेज़ होने और स्थानीय रोज़गार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
एयरलाइन कंपनियों के साथ बातचीत की कोई निश्चित समय-सीमा अभी तक घोषित नहीं की गई है। शेष चार एयरपोर्ट के लिए एमओयू की प्रक्रिया भी अगले चरण में होनी है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि नए एयरपोर्ट के विकास से राज्य का हवाई संपर्क बुनियादी ढाँचा और सुदृढ़ होगा तथा पश्चिम बंगाल की कनेक्टिविटी एक नई ऊँचाई पर पहुँचेगी।