पश्चिम बंगाल में 4 नए रीजनल एयरपोर्ट: 23 सितंबर को उड़ान 6.0 के तहत MOU पर हस्ताक्षर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में हवाई संपर्क के विस्तार को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के बीच 23 सितंबर 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं, जिसके तहत राज्य में चार नए रीजनल एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। यह MOU केंद्र सरकार की संशोधित उड़ान 6.0 योजना के अंतर्गत साइन किया जाएगा, जो भारत की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना का नवीनतम चरण है।
MOU समारोह का स्थान और प्रमुख उपस्थिति
यह MOU हस्ताक्षर कार्यक्रम 23 सितंबर 2026 को राज्य सचिवालय नबन्ना के मुख्य सभागार — नबन्ना सभागार — में आयोजित किया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम की तैयारियाँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, AAI के चेयरमैन तथा संबंधित जिलों के सांसद व विधायक उपस्थित रहेंगे।
चार प्रस्तावित एयरपोर्ट — स्थान और महत्व
प्रस्तावित चार रीजनल एयरपोर्ट निम्नलिखित स्थानों पर विकसित होंगे:
पुरुलिया जिले का छर्रा, दक्षिण दिनाजपुर का बालुरघाट, अलीपुरद्वार का हासीमारा, और पश्चिम मिदनापुर का कलाईकुंडा। गौरतलब है कि हासीमारा और कलाईकुंडा भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण बेस भी हैं, जिससे इन स्थानों की रणनीतिक और नागरिक दोनों दृष्टियों से अहमियत और बढ़ जाती है।
जिम्मेदारियों का बंटवारा
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस MOU के तहत जिम्मेदारियाँ स्पष्ट रूप से विभाजित की गई हैं। राज्य सरकार इन परियोजनाओं के लिए भूमि, संपर्क सड़कें, बिजली आपूर्ति, पानी की आपूर्ति और बुनियादी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। केंद्र सरकार एयरपोर्ट का मूलभूत ढाँचा विकसित करेगी, जबकि AAI वायु यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी उठाएगी।
उड़ान 6.0 योजना की पृष्ठभूमि
यह MOU केंद्र सरकार की संशोधित उड़ान 6.0 योजना के तहत हस्ताक्षरित होगा। उड़ान (Ude Desh Ka Aam Naagrik) योजना का उद्देश्य देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को किफायती हवाई सेवाओं से जोड़ना है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में हवाई संपर्क को लेकर दीर्घकाल से माँग उठती रही है।
आम जनता और क्षेत्र पर प्रभाव
अधिकारियों के अनुसार, MOU पर हस्ताक्षर होने के बाद पुरुलिया, दक्षिण दिनाजपुर, अलीपुरद्वार और पश्चिम मिदनापुर के नागरिकों को क्षेत्रीय हवाई सेवाओं का लाभ मिलेगा। इन जिलों में पर्यटन, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं के लिए हवाई संपर्क अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। राज्य में मौजूदा प्रमुख एयरपोर्ट के अलावा ये नए एयरपोर्ट पश्चिम बंगाल के हवाई नेटवर्क को एक नई मजबूती देंगे।
आने वाले हफ्तों में MOU के प्रावधानों के आधार पर परियोजनाओं की विस्तृत रूपरेखा सामने आने की उम्मीद है।