पश्चिम बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत PM-JAY योजना, देश का 36वाँ राज्य बनेगा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल शीघ्र ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) लागू करने वाला देश का 36वाँ राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बनने जा रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए जाने हैं, जिसके बाद राज्य आधिकारिक रूप से इस प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ जाएगा। देश में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में इसे एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
MOU हस्ताक्षर समारोह: कौन होगा शामिल
MOU हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव तथा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के शामिल होने की संभावना है।
पात्र परिवारों को क्या मिलेगा
योजना से जुड़ने के बाद पश्चिम बंगाल के पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध होगा। यह सुविधा सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर के अस्पतालों में भर्ती और इलाज के लिए लागू होगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ उल्लेखनीय रूप से कम होगा।
पोर्टेबिलिटी और कैशलेस इलाज की सुविधा
पश्चिम बंगाल के इस योजना में शामिल होने के बाद राज्य के लाभार्थियों को पोर्टेबिलिटी सुविधा भी मिलेगी — अर्थात वे देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो रोज़गार या अन्य कारणों से राज्य से बाहर रहते हैं।
AB PM-JAY: योजना की पृष्ठभूमि
आयुष्मान भारत PM-JAY देश की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा देना है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल लंबे समय तक इस केंद्रीय योजना से बाहर रहा था; राज्य की अपनी 'स्वास्थ्य साथी' योजना चल रही थी। अब पश्चिम बंगाल के जुड़ने से यह योजना वस्तुतः देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू हो जाएगी।
आम जनता पर असर
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता दोनों में सुधार अपेक्षित है। सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बेहतर सेवाएँ सुनिश्चित होने से सभी नागरिकों को किफायती स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के राष्ट्रीय लक्ष्य को बल मिलेगा। MOU पर हस्ताक्षर के बाद क्रियान्वयन की विस्तृत समय-सीमा सामने आने की उम्मीद है।