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पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत से जुड़ेगा, 6 करोड़ स्वास्थ्य साथी लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

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पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत से जुड़ेगा, 6 करोड़ स्वास्थ्य साथी लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

सारांश

आठ साल की अनुपस्थिति के बाद पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत से जुड़ रहा है — यह सिर्फ एक MoU नहीं, BJP सरकार का पहला बड़ा नीतिगत संदेश है। 6 करोड़ स्वास्थ्य साथी लाभार्थियों के लिए यह बदलाव राहत ला सकता है, बशर्ते क्रियान्वयन सुचारु हो।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल 9 जून 2026 से आयुष्मान भारत PM-JAY से जुड़ेगा — योजना से जुड़ने वाला 36वाँ राज्य ।
नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.
नड्डा और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की उपस्थिति में MoU पर हस्ताक्षर होंगे।
राज्य के करीब 6 करोड़ मौजूदा स्वास्थ्य साथी लाभार्थियों को केंद्रीय योजना से जोड़ा जाएगा।
TMC सरकार ने 2018 में योजना शुरू होने के बाद से इससे जुड़ने से इनकार किया था।
निजी अस्पतालों द्वारा स्वास्थ्य साथी कार्ड न मानने और भुगतान में देरी की शिकायतें पहले से दर्ज थीं।

पश्चिम बंगाल सोमवार, 9 जून 2026 से केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से औपचारिक रूप से जुड़ जाएगा। इसके लिए नई दिल्ली में पश्चिम बंगाल राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस ऐतिहासिक कदम के साथ पश्चिम बंगाल इस योजना से जुड़ने वाला 36वाँ राज्य बन जाएगा।

समझौते की मुख्य बातें

यह MoU केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की उपस्थिति में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री अधिकारी ने पहले घोषणा की थी कि राज्य के करीब 6 करोड़ मौजूदा स्वास्थ्य साथी योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान भारत से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, नए आवेदन भी केंद्रीय योजना के तहत स्वीकार किए जा सकेंगे।

पृष्ठभूमि: TMC सरकार का पुराना रुख

आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 2018 में की थी। हालाँकि, तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने इस योजना से जुड़ने से इनकार कर दिया था, क्योंकि राज्य में पहले से स्वास्थ्य साथी नामक अपनी बीमा योजना लागू थी। हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री ने रैलियों में आरोप लगाया था कि TMC सरकार ने राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत सहित कई केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित रखा।

स्वास्थ्य साथी की खामियाँ और बदलाव की ज़रूरत

स्वास्थ्य साथी योजना के लाभार्थियों ने कई बार शिकायत की थी कि निजी अस्पताल इस कार्ड को मान्यता देने में हिचकिचाते हैं। निजी अस्पतालों का पक्ष था कि राज्य सरकार की ओर से भुगतान में अक्सर देरी होती थी। यह स्थिति लाखों लाभार्थियों के लिए व्यावहारिक कठिनाई का कारण बनी रही।

BJP सरकार का नया एजेंडा

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद राज्य में सभी केंद्रीय योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य सचिवालय नबन्ना में मीडिया से बातचीत में कहा था कि पिछली TMC सरकार के कारण पश्चिम बंगाल के लोग अनेक केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहे।

आगे की राह

MoU पर हस्ताक्षर के बाद राज्य में आयुष्मान भारत कार्ड के वितरण और नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि 6 करोड़ स्वास्थ्य साथी लाभार्थियों के केंद्रीय योजना में एकीकरण की समयसीमा और क्रियान्वयन का ढाँचा कितना सुगम रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि निजी अस्पतालों के साथ भुगतान विवाद पहले से चला आ रहा है। केंद्रीय योजना में प्रतिपूर्ति दरें राज्य की पुरानी दरों से अलग हैं, जो अस्पतालों की भागीदारी को प्रभावित कर सकती हैं। बिना सुचारु संक्रमण योजना के, लाभार्थियों को कागज़ पर लाभ और ज़मीन पर अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत योजना से कब जुड़ेगा?
पश्चिम बंगाल 9 जून 2026, सोमवार से आयुष्मान भारत PM-JAY से जुड़ जाएगा। इसके लिए नई दिल्ली में राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
स्वास्थ्य साथी लाभार्थियों पर इसका क्या असर होगा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, राज्य के करीब 6 करोड़ मौजूदा स्वास्थ्य साथी लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाएगा। नए आवेदन भी केंद्रीय योजना के तहत स्वीकार किए जा सकेंगे।
पश्चिम बंगाल ने पहले आयुष्मान भारत से जुड़ने से क्यों मना किया था?
तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 2018 में योजना शुरू होने के बाद इससे जुड़ने से इनकार कर दिया था, क्योंकि राज्य में पहले से 'स्वास्थ्य साथी' नाम की अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू थी।
स्वास्थ्य साथी योजना में क्या समस्याएँ थीं?
लाभार्थियों ने शिकायत की थी कि निजी अस्पताल स्वास्थ्य साथी कार्ड को मान्यता देने में हिचकिचाते थे। निजी अस्पतालों का कहना था कि राज्य सरकार की ओर से भुगतान में देरी होती थी, जिससे सेवाएँ प्रभावित होती थीं।
आयुष्मान भारत योजना क्या है और यह कब शुरू हुई?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे 2018 में शुरू किया गया था। पश्चिम बंगाल के जुड़ने के बाद यह देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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