पश्चिम बंगाल में 6 करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थी जुलाई से 'आयुष्मान भारत' में होंगे स्वतः नामांकित
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 23 मई 2026 को घोषणा की कि राज्य में 'स्वास्थ्य साथी' योजना के अंतर्गत पंजीकृत 6 करोड़ लाभार्थी जुलाई 2026 से केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत' योजना में स्वतः नामांकित हो जाएंगे। यह निर्णय राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद लिया गया है, जो अन्य भाजपा-शासित राज्यों की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पृष्ठभूमि: दो योजनाओं के बीच का टकराव
'स्वास्थ्य साथी' राज्य सरकार की अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने शुरू किया था। गौरतलब है कि पिछली सरकार ने 'स्वास्थ्य साथी' को प्राथमिकता देने के लिए जानबूझकर 'आयुष्मान भारत' को राज्य में लागू होने से रोका था। अब नई सरकार ने यह नीतिगत अवरोध हटा दिया है।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री अधिकारी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि जुलाई से सभी 6 करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थियों को 'आयुष्मान भारत' कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य से बाहर रोज़गार के लिए गए पश्चिम बंगाल के नागरिकों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा — जो प्रवासी श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।
केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पश्चिम बंगाल के लिए कुल ₹2,103 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से ₹500 करोड़ शनिवार को ही राज्य को प्राप्त हो गए। 'आयुष्मान भारत' योजना के लिए केंद्र की कुल स्वीकृति ₹976 करोड़ है।
स्वास्थ्य अवसंरचना पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल के चार जिलों में अभी तक एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं है। उन्होंने बताया कि इन जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए भूमि प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही, उत्तर बंगाल में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एम्स) की एक इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को स्थानीय जन प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।
सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान
अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में 7 लाख से अधिक सर्वाइकल कैंसर के टीके उपलब्ध कराए जाएंगे। ये टीके 14 से 15 वर्ष की आयु की किशोरियों को दिए जाएंगे और इस अभियान की आधिकारिक शुरुआत 30 मई 2026 से होगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद स्वास्थ्य नीति में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही थी। जुलाई में 'आयुष्मान भारत' कार्ड वितरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि नामांकन कितनी सुचारु रूप से हो पाता है। मेडिकल कॉलेजों और एम्स इकाई के प्रस्तावों पर केंद्र की मंज़ूरी और कार्यान्वयन की गति पर नज़र रहेगी।