8 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल में 6 करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थी जुलाई से 'आयुष्मान भारत' में होंगे स्वतः नामांकित

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पश्चिम बंगाल में 6 करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थी जुलाई से 'आयुष्मान भारत' में होंगे स्वतः नामांकित

सारांश

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार ने वह कदम उठाया जो TMC ने वर्षों तक रोका — 'आयुष्मान भारत' को राज्य में लागू करना। जुलाई से 6 करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थी केंद्रीय योजना में स्वतः जुड़ेंगे, साथ में ₹976 करोड़ की केंद्रीय स्वीकृति और सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान भी।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के 6 करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थी जुलाई 2026 से 'आयुष्मान भारत' में स्वतः नामांकित होंगे।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य से बाहर कार्यरत नागरिकों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पश्चिम बंगाल को ₹2,103 करोड़ स्वीकृत; ₹500 करोड़ शनिवार को ही प्राप्त।
'आयुष्मान भारत' के लिए केंद्र की कुल स्वीकृति ₹976 करोड़ ।
राज्य के 4 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापना का प्रस्ताव जल्द केंद्र को भेजा जाएगा।
30 मई 2026 से 7 लाख से अधिक सर्वाइकल कैंसर टीके 14-15 वर्ष की किशोरियों को दिए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 23 मई 2026 को घोषणा की कि राज्य में 'स्वास्थ्य साथी' योजना के अंतर्गत पंजीकृत 6 करोड़ लाभार्थी जुलाई 2026 से केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत' योजना में स्वतः नामांकित हो जाएंगे। यह निर्णय राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद लिया गया है, जो अन्य भाजपा-शासित राज्यों की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पृष्ठभूमि: दो योजनाओं के बीच का टकराव

'स्वास्थ्य साथी' राज्य सरकार की अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने शुरू किया था। गौरतलब है कि पिछली सरकार ने 'स्वास्थ्य साथी' को प्राथमिकता देने के लिए जानबूझकर 'आयुष्मान भारत' को राज्य में लागू होने से रोका था। अब नई सरकार ने यह नीतिगत अवरोध हटा दिया है।

मुख्य घोषणाएँ

मुख्यमंत्री अधिकारी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि जुलाई से सभी 6 करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थियों को 'आयुष्मान भारत' कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य से बाहर रोज़गार के लिए गए पश्चिम बंगाल के नागरिकों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा — जो प्रवासी श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।

केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पश्चिम बंगाल के लिए कुल ₹2,103 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से ₹500 करोड़ शनिवार को ही राज्य को प्राप्त हो गए। 'आयुष्मान भारत' योजना के लिए केंद्र की कुल स्वीकृति ₹976 करोड़ है।

स्वास्थ्य अवसंरचना पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल के चार जिलों में अभी तक एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं है। उन्होंने बताया कि इन जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए भूमि प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही, उत्तर बंगाल में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एम्स) की एक इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को स्थानीय जन प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।

सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान

अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में 7 लाख से अधिक सर्वाइकल कैंसर के टीके उपलब्ध कराए जाएंगे। ये टीके 14 से 15 वर्ष की आयु की किशोरियों को दिए जाएंगे और इस अभियान की आधिकारिक शुरुआत 30 मई 2026 से होगी।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद स्वास्थ्य नीति में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही थी। जुलाई में 'आयुष्मान भारत' कार्ड वितरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि नामांकन कितनी सुचारु रूप से हो पाता है। मेडिकल कॉलेजों और एम्स इकाई के प्रस्तावों पर केंद्र की मंज़ूरी और कार्यान्वयन की गति पर नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि TMC के उस राजनीतिक प्रतिरोध की समाप्ति है जिसने वर्षों तक राज्य के करोड़ों नागरिकों को केंद्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा से वंचित रखा। असली सवाल यह है कि क्या 6 करोड़ लाभार्थियों का नामांकन जुलाई की समयसीमा में सुचारु रूप से हो पाएगा, या प्रशासनिक अड़चनें इसे लंबा खींचेंगी। चार जिलों में मेडिकल कॉलेज की अनुपस्थिति और एम्स इकाई का अधूरा प्रस्ताव यह भी बताता है कि राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना में दशकों की उपेक्षा को एक घोषणा से नहीं पाटा जा सकता।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थियों को 'आयुष्मान भारत' में कब नामांकित किया जाएगा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की घोषणा के अनुसार, जुलाई 2026 से पश्चिम बंगाल के सभी 6 करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थी 'आयुष्मान भारत' योजना में स्वतः नामांकित हो जाएंगे और उन्हें 'आयुष्मान भारत' कार्ड भी जारी किए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल में पहले 'आयुष्मान भारत' क्यों लागू नहीं थी?
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC सरकार ने राज्य की अपनी 'स्वास्थ्य साथी' योजना को प्राथमिकता देने के लिए 'आयुष्मान भारत' को राज्य में लागू नहीं होने दिया था। BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद यह नीतिगत अवरोध हटाया गया है।
पश्चिम बंगाल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कितनी राशि मिली है?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पश्चिम बंगाल के लिए कुल ₹2,103 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से ₹500 करोड़ 23 मई को ही राज्य को प्राप्त हो गए। 'आयुष्मान भारत' योजना के लिए केंद्र की अलग से ₹976 करोड़ की स्वीकृति है।
पश्चिम बंगाल में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान कब शुरू होगा?
30 मई 2026 से पश्चिम बंगाल में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान की आधिकारिक शुरुआत होगी। यह टीके 14 से 15 वर्ष की आयु की किशोरियों को दिए जाएंगे और राज्य में 7 लाख से अधिक टीके उपलब्ध कराए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल में नए मेडिकल कॉलेज कहाँ बनेंगे?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, राज्य के 4 ऐसे जिले हैं जहाँ अभी तक एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं है। इन जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए भूमि प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके अलावा, उत्तर बंगाल में एम्स की एक इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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