25 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत PM-JAY लागू, देश के सभी 36 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश जुड़े

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पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत PM-JAY लागू, देश के सभी 36 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश जुड़े

सारांश

पश्चिम बंगाल के PM-JAY से जुड़ने के साथ भारत के सभी 36 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अब दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आ गए हैं। 2018 से अब तक 12 करोड़ उपचार और ₹1.82 लाख करोड़ के खर्च के साथ, यह सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक निर्णायक मील का पत्थर है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल 8 जून 2026 को आयुष्मान भारत PM-JAY लागू करने वाला देश का 36वाँ राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बना।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के बीच MoU पर हस्ताक्षर; समारोह की अध्यक्षता जे.पी.
योजना के तहत अब तक 12 करोड़ से अधिक उपचार, कुल लागत ₹1.82 लाख करोड़ से अधिक ।
आउट-ऑफ-पॉकेट स्वास्थ्य खर्च 64.6% से घटकर 43.4% पर आया।
द लैंसेट अध्ययन के अनुसार योजना के 90% कैंसर मरीजों का उपचार 30 दिनों के भीतर शुरू।
पश्चिम बंगाल का HPV टीकाकरण अभियान ( 30 मई 2026 से) — 7.65 लाख लक्षित किशोरियों में से 33,000+ को टीका लगाया जा चुका।

पश्चिम बंगाल 8 जून 2026 को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) लागू करने वाला देश का 36वाँ राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बन गया, जिससे केंद्र सरकार की इस प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना का देशव्यापी विस्तार पूर्ण हो गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के साथ यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में यह उपलब्धि उस राज्य के लिए विशेष महत्व रखती है जो वर्षों तक इस केंद्रीय योजना से बाहर रहा।

MoU समारोह और प्रमुख उपस्थिति

MoU हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने की। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नड्डा ने इसे भारत की सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा की यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और पश्चिम बंगाल सरकार को योजना से जुड़ने पर बधाई दी।

योजना की उपलब्धियाँ और आँकड़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सितंबर 2018 में शुरू की गई आयुष्मान भारत PM-JAY को दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बताया जाता है। नड्डा के अनुसार, योजना के तहत अब तक 12 करोड़ से अधिक उपचार किए जा चुके हैं, जिनकी कुल लागत ₹1.82 लाख करोड़ से अधिक रही है। यह आँकड़ा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य खर्चों से मिली वित्तीय सुरक्षा का प्रमाण बताया जा रहा है।

नड्डा ने बताया कि 2018 से पहले स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च 64.6% था, जो अब घटकर 43.4% रह गया है — जो स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय सुधार है।

लैंसेट अध्ययन और डिजिटल ढाँचे की भूमिका

नड्डा ने चिकित्सा पत्रिका द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि योजना के अंतर्गत आने वाले लगभग 90% कैंसर मरीजों का उपचार 30 दिनों के भीतर शुरू हो गया — जो स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने में इसकी प्रभावशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि योजना की कैशलेस, पेपरलेस और पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था ने लाभार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

HPV टीकाकरण अभियान को भी सराहना

नड्डा ने 30 मई 2026 को शुरू किए गए पश्चिम बंगाल सरकार के HPV टीकाकरण अभियान की भी प्रशंसा की। 14 वर्ष की किशोरियों के लिए शुरू की गई यह पहल सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में सहायक बताई जा रही है। लक्षित 7.65 लाख लाभार्थियों में से अब तक 33,000 से अधिक किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है।

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के लागू होने से राज्य के लाखों लोगों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल का इस योजना से जुड़ना देश में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को एक नए पड़ाव पर ले जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे लाखों पात्र लाभार्थी वंचित रहे। असली परीक्षा अब क्रियान्वयन की है: क्या राज्य का अस्पताल नेटवर्क योजना की माँग को पूरा कर पाएगा, और क्या लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया पारदर्शी होगी? आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च में गिरावट उत्साहजनक है, लेकिन 43.4% अभी भी वैश्विक मानकों से काफी ऊपर है। योजना की वास्तविक सफलता नामांकन संख्या नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उपचार की गुणवत्ता और दावा निपटान की गति से मापी जानी चाहिए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष्मान भारत PM-JAY योजना में पश्चिम बंगाल कब और कैसे शामिल हुआ?
पश्चिम बंगाल 8 जून 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के बीच MoU पर हस्ताक्षर के साथ PM-JAY लागू करने वाला 36वाँ राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बना। इससे देशभर में योजना का पूर्ण विस्तार संभव हुआ।
आयुष्मान भारत PM-JAY योजना क्या है और इसके तहत क्या लाभ मिलते हैं?
आयुष्मान भारत PM-JAY सितंबर 2018 में शुरू की गई दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है। यह गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस और पेपरलेस तरीके से अस्पताल में भर्ती की सुविधा प्रदान करती है।
PM-JAY के तहत अब तक कितने उपचार हुए हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के अनुसार योजना के तहत अब तक 12 करोड़ से अधिक उपचार किए जा चुके हैं, जिनकी कुल लागत ₹1.82 लाख करोड़ से अधिक रही है। इससे लाखों परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी वित्तीय बोझ से राहत मिली है।
पश्चिम बंगाल में HPV टीकाकरण अभियान क्या है?
पश्चिम बंगाल सरकार ने 30 मई 2026 को 14 वर्ष की किशोरियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान शुरू किया, जो सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए है। लक्षित 7.65 लाख लाभार्थियों में से अब तक 33,000 से अधिक किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है।
PM-JAY लागू होने से पश्चिम बंगाल के लोगों को क्या फायदा होगा?
योजना के तहत राज्य के पात्र गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस अस्पताल उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार इससे राज्य के लाखों लोगों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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