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पुणे एयरपोर्ट पर हब-एंड-स्पोक मॉडल का प्रारंभिक आकलन, MoCA और AAI के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

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पुणे एयरपोर्ट पर हब-एंड-स्पोक मॉडल का प्रारंभिक आकलन, MoCA और AAI के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

सारांश

पुणे एयरपोर्ट को हब-एंड-स्पोक नेटवर्क में शामिल करने की दिशा में 26 जुलाई को MoCA, AAI और अन्य एजेंसियों ने मिलकर प्रारंभिक आकलन किया। यह कदम पुणे को क्षेत्रीय उड्डयन का केंद्र बनाने और यात्री कनेक्टिविटी सुधारने की बड़ी योजना का पहला चरण है।

मुख्य बातें

26 जुलाई को पुणे एयरपोर्ट पर हब-एंड-स्पोक मॉडल का प्रारंभिक आकलन किया गया।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) , भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) , CISF , इमिग्रेशन, कस्टम्स और अनुसूचित एयरलाइंस के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए।
बैठक के बाद एयरपोर्ट परिसर का व्यापक निरीक्षण किया गया — यात्री प्रसंस्करण, टर्मिनल सुविधाएँ और समन्वय-तंत्र का मूल्यांकन हुआ।
हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत पुणे को 'हब' बनाकर छोटे शहरों और क्षेत्रीय हवाई अड्डों से उड़ानें जोड़ने की योजना है।
विभिन्न हितधारकों के सुझाव आगामी विस्तृत योजना में शामिल किए जाएँगे।

पुणे एयरपोर्ट को केंद्र सरकार की हब-एंड-स्पोक ऑपरेशनल रणनीति से जोड़ने की दिशा में 26 जुलाई को एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक आकलन किया गया, जिसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और एयरपोर्ट संचालन से जुड़े अनेक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य पुणे एयरपोर्ट की संचालन क्षमता बढ़ाना, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना है।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

इस आकलन बैठक में MoCA और AAI के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पुणे एयरपोर्ट के निदेशक, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), इमिग्रेशन, कस्टम्स, विभिन्न अनुसूचित एयरलाइंस के प्रतिनिधि और एयरपोर्ट से जुड़े अन्य प्रमुख हितधारक मौजूद रहे। बैठक में हब-एंड-स्पोक मॉडल की अवधारणा, उसकी परिचालन आवश्यकताओं, संभावित लाभों और इसे लागू करने के लिए अपेक्षित बुनियादी ढाँचे तथा प्रक्रियात्मक सुधारों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

बुनियादी ढाँचे का मूल्यांकन

बैठक के उपरांत अधिकारियों ने पुणे एयरपोर्ट परिसर का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान मौजूदा बुनियादी ढाँचे की स्थिति परखी गई और यह आकलन किया गया कि हब-एंड-स्पोक मॉडल को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए किन अतिरिक्त सुविधाओं एवं संसाधनों की आवश्यकता होगी। निरीक्षण में यात्री प्रसंस्करण क्षेत्र, टर्मिनल सुविधाएँ, परिचालन व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय-तंत्र का भी मूल्यांकन किया गया।

हब-एंड-स्पोक मॉडल क्या है

हब-एंड-स्पोक मॉडल के अंतर्गत किसी प्रमुख एयरपोर्ट को 'हब' के रूप में विकसित किया जाता है, जहाँ से छोटे शहरों और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। यह व्यवस्था उड़ानों के बेहतर प्रबंधन, यात्रियों के लिए सहज कनेक्टिविटी और एयरलाइन परिचालन की दक्षता में सुधार की संभावनाएँ बढ़ाती है। गौरतलब है कि यह मॉडल दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हवाई अड्डों पर पहले से प्रभावी रूप से कार्यरत है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रारंभिक मूल्यांकन पुणे एयरपोर्ट को केंद्र सरकार की हब-एंड-स्पोक पहल का हिस्सा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सर्वेक्षण और समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों व हितधारकों से प्राप्त सुझावों को आगामी विस्तृत योजना में सम्मिलित किया जाएगा। यह पहल पुणे को महाराष्ट्र और दक्कन क्षेत्र की क्षेत्रीय उड्डयन कनेक्टिविटी में केंद्रीय भूमिका दिला सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ऐसे समय में आया है जब नए पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (पुरंदर) की समयसीमा वर्षों से खिंचती आ रही है। असली सवाल यह है कि मौजूदा सीमित बुनियादी ढाँचे के साथ हब का दर्जा व्यावहारिक रूप से कैसे हासिल होगा — और क्या यह आकलन ठोस निवेश निर्णय में बदलेगा या महज एक और समिति-स्तरीय प्रक्रिया बनकर रह जाएगा। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की माँग वास्तविक है, पर क्रियान्वयन की रफ्तार और जवाबदेही का ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे एयरपोर्ट पर हब-एंड-स्पोक मॉडल का आकलन क्यों किया गया?
केंद्र सरकार की हब-एंड-स्पोक उड्डयन पहल के तहत पुणे एयरपोर्ट को एक क्षेत्रीय हब के रूप में विकसित करने की संभावना परखने के लिए 26 जुलाई को यह प्रारंभिक आकलन किया गया। इसका उद्देश्य संचालन क्षमता बढ़ाना और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
हब-एंड-स्पोक मॉडल क्या होता है और पुणे को इससे क्या फायदा होगा?
हब-एंड-स्पोक मॉडल में एक प्रमुख एयरपोर्ट को 'हब' बनाया जाता है, जहाँ से छोटे शहरों और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। पुणे के लिए इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, एयरलाइन परिचालन की दक्षता सुधरेगी और यात्रियों को आसान ट्रांसफर सुविधा मिलेगी।
इस बैठक में कौन-कौन से विभाग शामिल हुए?
बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), पुणे एयरपोर्ट के निदेशक, CISF, इमिग्रेशन, कस्टम्स और विभिन्न अनुसूचित एयरलाइंस के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी प्रमुख हितधारकों ने परिचालन, सुरक्षा और नियामक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
पुणे एयरपोर्ट पर हब-एंड-स्पोक मॉडल कब लागू होगा?
अभी यह प्रारंभिक आकलन चरण है और कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आगामी विस्तृत योजना तैयार की जाएगी, जिसके बाद ही क्रियान्वयन की दिशा तय होगी।
क्या पुणे एयरपोर्ट के बुनियादी ढाँचे का भी मूल्यांकन हुआ?
हाँ, बैठक के बाद अधिकारियों ने एयरपोर्ट परिसर का व्यापक निरीक्षण किया। यात्री प्रसंस्करण क्षेत्र, टर्मिनल सुविधाएँ और एजेंसियों के बीच समन्वय-तंत्र का आकलन किया गया ताकि यह पता चल सके कि हब मॉडल के लिए किन अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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