क्या कोलकाता के मेयर ने वायु प्रदूषण रोकने के लिए पुलिस को सक्रिय रहने का निर्देश दिया?
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस को वायु प्रदूषण नियंत्रण में सक्रिय रहना है।
- निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करने के उपाय किए जाएंगे।
- कोलकाता हाईकोर्ट ने वायु प्रदूषण पर संज्ञान लिया है।
- पुलिस को ट्रैफिक को सुचारु बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
- कंस्ट्रक्शन कचरे को तेजी से हटाने की आवश्यकता है।
कोलकाता, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता हाईकोर्ट ने वायु प्रदूषण की गंभीरता पर ध्यान दिया है, जिसके बाद कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने शहर के सभी पुलिस स्टेशनों और ट्रैफिक चौकियों को एयर पॉल्यूशन को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय रहने का निर्देश दिया है।
मेयर हकीम ने कोलकाता नगर निगम के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पर्यावरण विभाग के मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य स्वपन समाद्दार और पार्क विभाग के मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य देबाशीष कुमार शामिल हुए। इस बैठक में कोलकाता पुलिस के एडिशनल सीपी शुभांकर सिन्हा भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान, मेयर हकीम ने सभी पुलिस स्टेशनों और ट्रैफिक विभाग से अपील की कि वे शहर के विभिन्न हिस्सों में आग लगाने, वाहनों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने और सूखी पत्तियों तथा लकड़ी जलाने जैसे मुद्दों पर सक्रिय कदम उठाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निर्माण स्थलों पर बाड़ लगाई जाए और जिन क्षेत्रों में अधिक धूल उड़ती है, वहां पर पानी का छिड़काव किया जाए।
मेयर ने अधिकारियों से अपील की कि विक्टोरिया मेमोरियल के पास रेल विकास निगम लिमिटेड के निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण में सतर्क रहें। साथ ही, सड़कों पर निर्माण के कचरे, बिल्डिंग सामग्री और रेत को फेंकने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा, "जिन क्षेत्रों में मेट्रो का निर्माण हो रहा है, उन्हें हरी जाली से ढका जाना चाहिए। निर्माण स्थलों पर पर्याप्त पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए। पुलिस को ट्रैफिक के प्रवाह को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और पुरानी गाड़ियों पर नजर रखने के लिए भी कहा गया है ताकि धुआं छोड़ने वाली गाड़ियों को नियंत्रित किया जा सके। हवा में कार्बन के कणों को बढ़ने से रोकने के लिए पॉल्यूशन टेस्ट में फेल होने वाली गाड़ियों को पकड़ा जाना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "सड़कों पर पड़े निर्माण कचरे को हटाने के मामले में निगम के भीतर विभागीय समन्वय की कमी है। इसे सुधारने की आवश्यकता है। धूल उड़ने से रोकने के लिए निर्माण कचरे को और तेजी से हटाना चाहिए। जो बिल्डिंग्स बन रही हैं, उनमें जाली लगाकर काम किया जाना चाहिए, अन्यथा काम रोकने का आदेश दिया जाएगा।