कोलकाता मेट्रो में QR कोड से टिकट: बिना ऐप डाउनलोड किए 10 स्टेशनों पर सुविधा शुरू
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता मेट्रो रेलवे ने 14 अक्टूबर 2026 (बुधवार) से यात्रियों के लिए दो अहम डिजिटल सुविधाएँ एक साथ शुरू कीं — पहली, बिना किसी ऐप डाउनलोड किए QR स्टिकर स्कैन करके सीधे टिकट खरीदने की व्यवस्था; और दूसरी, पेटीएम ऐप के ज़रिए किसी भी स्टेशन से गंतव्य तक टिकट बुकिंग की सुविधा। इन दोनों पहलों का शुभारंभ मेट्रो रेलवे के महाप्रबंधक प्रेम सागर गुप्ता ने पार्क स्ट्रीट स्टेशन पर किया।
QR स्टिकर सुविधा: किन स्टेशनों पर उपलब्ध
अब यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए 'आमार कोलकाता मेट्रो' ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य नहीं होगा। स्टेशन परिसर में लगे QR इमेज स्टिकर को अपने स्मार्टफोन के कैमरे से स्कैन करके यात्री सीधे टिकट खरीद सकेंगे। फ़िलहाल यह सुविधा एस्प्लेनेड, दमदम, दक्षिणेश्वर, रवींद्र सरोवर, महानयक उत्तम कुमार, कालीघाट, हावड़ा, सियालदह, शोवाबाजार-सुतानुती, सॉल्ट लेक सेक्टर-पाँच और दमदम कैंटोनमेंट — कुल 10 स्टेशनों पर उपलब्ध कराई गई है।
मेट्रो रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह सुविधा जल्द ही सभी कॉरिडोर के शेष स्टेशनों तक भी विस्तारित की जाएगी।
दुर्गा पूजा के दौरान विशेष राहत
यह नई व्यवस्था दुर्गा पूजा के दौरान विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जब पंडाल घूमने के लिए बड़ी संख्या में ऐसे लोग मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं जो सामान्यतः नियमित यात्री नहीं हैं। ऐसे यात्रियों के पास न स्मार्ट कार्ड होता है और न ही ऐप इंस्टॉल। अब उन्हें बुकिंग काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े होने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
गौरतलब है कि दुर्गा पूजा के तीन दिनों तक कोलकाता मेट्रो अपनी ब्लू और ग्रीन लाइनों पर रात भर सेवाएँ भी चलाएगी — यह पर्व के दौरान यात्रियों की असाधारण भीड़ को देखते हुए लिया गया फैसला है।
पेटीएम के ज़रिए भी टिकट बुकिंग
दूसरी पहल के तहत यात्री अब पेटीएम ऐप की मदद से भी मेट्रो टिकट खरीद सकेंगे — 'आमार कोलकाता मेट्रो' ऐप के अतिरिक्त यह एक वैकल्पिक डिजिटल माध्यम होगा। शुभारंभ कार्यक्रम में पेटीएम के मुख्य परिचालन अधिकारी भी अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे।
महाप्रबंधक प्रेम सागर गुप्ता ने कहा कि इन नई सुविधाओं से यात्रियों को लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और उनका कीमती समय बचेगा।
सुरक्षा व्यवस्था: पुलिस, RPF और मेट्रो का समन्वय
दुर्गा पूजा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए मेट्रो रेलवे ने विस्तृत प्रबंध किए हैं। कोलकाता पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और मेट्रो रेलवे पुलिस के बीच समन्वय बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। विशेष तोड़फोड़-रोधी टीमें विशेष उपकरणों और खोजी कुत्तों के साथ तैनात की जाएंगी।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा — पुरुष और महिला RPF कर्मी ट्रेनों में लगातार गश्त करेंगे और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा नियंत्रण कक्षों में लाइव CCTV फुटेज की कड़ी निगरानी होगी, साथ ही तकनीकी खराबी से तुरंत निपटने के लिए रणनीतिक स्थानों पर विशेष तकनीकी टीमें भी तैनात रहेंगी।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब त्योहारी मौसम में सार्वजनिक परिवहन पर दबाव अपने चरम पर होता है — और कोलकाता मेट्रो डिजिटल समावेश तथा परिचालन दक्षता दोनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।