कोलकाता मेट्रो अब सुबह 6 बजे से: 27 जुलाई से बदला शेड्यूल, आखिरी ट्रेन रात 10.30 बजे
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता मेट्रो रेलवे ने 27 जुलाई 2026 से अपनी सेवाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया है — अब ट्रेनें पहले की तरह सुबह 6.50 बजे की जगह सुबह 6 बजे से चलेंगी, और आखिरी ट्रेन का समय रात 9.44 बजे से बढ़ाकर रात 10.30 बजे कर दिया गया है। यह बदलाव छात्रों, दफ्तर जाने वालों और देर रात कार्यक्रमों से लौटने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर किया गया है।
कौन-सी लाइनें और कब से
यह विस्तारित सेवा फिलहाल केवल सर्वाधिक उपयोग की जाने वाली ब्लू लाइन और ग्रीन लाइन पर सोमवार से शनिवार के बीच उपलब्ध होगी। रविवार को दोनों लाइनों पर ट्रेनें सुबह 9 बजे से रात 10.30 बजे तक चलेंगी। मेट्रो रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'इससे मेट्रो के बजट पर अतिरिक्त बोझ तो पड़ेगा, लेकिन सुबह और शाम दोनों समय मेट्रो का समय बढ़ाने की माँग भी रही है। इन फैसलों के लिए काफी प्लानिंग की गई है और हमने सभी संबंधित पक्षों को भरोसे में लिया है। हमें बस उम्मीद है कि काफी संख्या में यात्री इन सेवाओं का इस्तेमाल करेंगे।'
ट्रेनों की संख्या में बदलाव
ब्लू लाइन पर सोमवार से शुक्रवार के बीच दैनिक ट्रेनों की संख्या 260 से बढ़ाकर 272 की जाएगी। शनिवार को यह संख्या 246 से बढ़कर 258 और रविवार को 152 से 158 हो जाएगी।
ग्रीन लाइन पर सोमवार से शुक्रवार के बीच ट्रेनों की संख्या 228 से 236, शनिवार को 204 से 212 और रविवार को 108 से 111 हो जाएगी।
दोनों लाइनों का परिचय
ब्लू लाइन — जो देश का पहला मेट्रो लिंक है — दक्षिण कोलकाता में गरिया से उत्तरी कोलकाता में दक्षिणेश्वर तक जाती है। ग्रीन लाइन पश्चिम में हावड़ा मैदान को पूर्वी भारत के प्रमुख आईटी केंद्र साल्ट लेक सेक्टर-5 से जोड़ती है।
परीक्षण के आधार पर लागू, वापसी की भी संभावना
अधिकारियों के अनुसार, यह विस्तार अभी प्रायोगिक आधार पर लागू किया जा रहा है। यदि पर्याप्त संख्या में यात्री इन सेवाओं का उपयोग नहीं करते, तो इन्हें वापस लिया जा सकता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता में सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है।
सुरक्षा और कनेक्टिविटी की चुनौती
मेट्रो के इस विस्तार के साथ राज्य सरकार के सामने स्टेशनों से आसपास के इलाकों तक लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुधारने की भी जिम्मेदारी आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि रात 10.30 बजे आखिरी ट्रेन लेने वाले यात्री — विशेषकर महिलाएँ — अपने गंतव्य तक रात 11.30 बजे के बाद पहुँचेंगी, इसलिए स्टेशनों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना आवश्यक होगा।