22 अक्टूबर 2026
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दुर्गा पूजा 2026: कोलकाता मेट्रो का नया रिकॉर्ड, 6 दिनों में 61.51 लाख यात्री; षष्ठी पर एक दिन में 12.01 लाख

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दुर्गा पूजा 2026: कोलकाता मेट्रो का नया रिकॉर्ड, 6 दिनों में 61.51 लाख यात्री; षष्ठी पर एक दिन में 12.01 लाख

सारांश

दुर्गा पूजा 2026 में कोलकाता मेट्रो ने इतिहास रच दिया — छह दिनों में 61.51 लाख यात्री और षष्ठी पर एक दिन में 12.01 लाख का अभूतपूर्व रिकॉर्ड। 2025 के मुकाबले 32% की उछाल बताती है कि विस्तरित मेट्रो नेटवर्क अब कोलकाता के पूजा-उत्सव की रीढ़ बन चुका है।

मुख्य बातें

कोलकाता मेट्रो ने दुर्गा पूजा 2026 में पंचमी से दशमी तक 61.51 लाख यात्रियों का नया रिकॉर्ड बनाया।
षष्ठी के दिन एक दिन में 12.01 लाख यात्री — कोलकाता मेट्रो के इतिहास का सर्वाधिक एकल-दिवसीय आँकड़ा।
वर्ष 2025 में यही आँकड़ा 46.56 लाख था — इस बार करीब 32% की बढ़ोतरी।
दमदम स्टेशन पर सर्वाधिक 4.97 लाख , कालीघाट पर 4.83 लाख और सियालदह पर 4.19 लाख यात्री दर्ज।
सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर ब्लू लाइन और ग्रीन लाइन पर पूरी रात मेट्रो सेवाएँ संचालित।
महाप्रबंधक प्रेम सागर गुप्ता ने स्वयं स्टेशनों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कोलकाता मेट्रो ने दुर्गा पूजा 2026 के दौरान यात्री संख्या का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज किया — पंचमी से दशमी तक के महज छह दिनों में 61.51 लाख यात्रियों ने मेट्रो सेवा का उपयोग किया। 22 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक आँकड़ों में यह जानकारी सामने आई और इस पूरे उत्सव काल में कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।

रिकॉर्ड की मुख्य बातें

षष्ठी के दिन अकेले 12.01 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया — जो कोलकाता मेट्रो के इतिहास में किसी एक दिन में दर्ज अब तक की सर्वाधिक यात्री संख्या है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार यह आँकड़ा पिछले वर्षों के सभी पिछले एकल-दिवसीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ता है। तुलनात्मक रूप से, वर्ष 2025 में पंचमी से दशमी के बीच कुल यात्री संख्या 46.56 लाख थी — यानी इस बार करीब 32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कौन-से स्टेशन रहे सबसे व्यस्त

छह दिनों में दमदम स्टेशन पर सर्वाधिक 4.97 लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन रहा। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि यह स्टेशन मेट्रो और उत्तर कोलकाता की उपनगरीय रेलवे सेवाओं के बीच एक अहम कनेक्शन-हब के रूप में काम करता है।

कालीघाट स्टेशन 4.83 लाख से अधिक यात्रियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि सियालदह स्टेशन पर 4.19 लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया।

विशेष मेट्रो सेवाएँ और परिचालन व्यवस्था

पंडाल-दर्शन करने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर ब्लू लाइन (गरिया–दक्षिणेश्वर) और ग्रीन लाइन (हावड़ा मैदान–साल्ट लेक सेक्टर-5) पर पूरी रात मेट्रो सेवाएँ संचालित की गईं। अन्य मेट्रो लाइनों पर भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गईं, ताकि बढ़ती माँग को पूरा किया जा सके।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था

मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि उत्सव के दौरान भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती थी, जिसके लिए पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा गया। भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए।

व्यापक सीसीटीवी निगरानी से भीड़ नियंत्रण में सहायता मिली। किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मेडिकल बूथ भी स्थापित किए गए थे।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी और यात्री संवाद

कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक प्रेम सागर गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न स्टेशनों का दौरा किया और ट्रेनों में यात्रा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 22 अक्टूबर को मेट्रो रेलवे ने विभिन्न स्टेशनों पर रेल जन संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया, जिसमें यात्रियों ने सफाई, सेवाओं और सुविधाओं को लेकर अपने सुझाव दिए। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि व्यावहारिक सुझावों को लागू करने पर विचार किया जाएगा।

गौरतलब है कि कोलकाता में मेट्रो नेटवर्क के लगातार विस्तार के चलते अब शहर और उपनगरों के निवासी दुर्गा पूजा पंडाल-दर्शन के लिए मेट्रो को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं — और आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शहरी परिवहन नीति की एक बड़ी सफलता का संकेत है — मेट्रो नेटवर्क विस्तार ने कोलकाता के उपनगरों को उत्सव के केंद्र से जोड़ दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई शहरों में मेट्रो परियोजनाएँ देरी और कम उपयोगिता के कारण आलोचना झेल रही हैं। हालाँकि, एकल उत्सव की चरम-भीड़ को रोज़ाना की परिचालन क्षमता का पैमाना नहीं माना जा सकता — असली परीक्षा यह है कि क्या मेट्रो सामान्य दिनों में भी यात्रियों की पसंद बनी रहती है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा पूजा 2026 में कोलकाता मेट्रो ने कितना रिकॉर्ड बनाया?
पंचमी से दशमी तक के छह दिनों में कोलकाता मेट्रो ने 61.51 लाख यात्रियों का नया रिकॉर्ड दर्ज किया, जो 2025 की इसी अवधि के 46.56 लाख के मुकाबले करीब 32% अधिक है। षष्ठी पर एकल दिन में 12.01 लाख यात्री — जो मेट्रो के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है।
कोलकाता मेट्रो की कौन-सी लाइनों पर रात भर सेवा चली?
सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर ब्लू लाइन (गरिया–दक्षिणेश्वर) और ग्रीन लाइन (हावड़ा मैदान–साल्ट लेक सेक्टर-5) पर पूरी रात मेट्रो सेवाएँ संचालित की गईं। अन्य लाइनों पर भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गईं।
दुर्गा पूजा 2026 में कोलकाता का सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशन कौन-सा रहा?
दमदम स्टेशन सबसे व्यस्त रहा, जहाँ पंचमी से दशमी के बीच 4.97 लाख से अधिक यात्रियों ने आवाजाही की। इसके बाद कालीघाट (4.83 लाख) और सियालदह (4.19 लाख) का स्थान रहा।
2025 की तुलना में 2026 में कोलकाता मेट्रो की पूजा-यात्री संख्या में कितना अंतर आया?
2025 में पंचमी से दशमी के बीच 46.56 लाख यात्रियों ने मेट्रो का उपयोग किया था, जबकि 2026 में यह संख्या 61.51 लाख रही — यानी लगभग 32% की वृद्धि। अधिकारियों ने इसे मेट्रो नेटवर्क विस्तार का परिणाम बताया।
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता मेट्रो में भीड़ प्रबंधन कैसे किया गया?
मेट्रो प्रशासन ने पहले से विस्तृत योजना बनाई, जिसमें कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ समन्वय, व्यापक सीसीटीवी निगरानी, प्रमुख स्टेशनों पर मेडिकल बूथ और बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती शामिल थी। महाप्रबंधक प्रेम सागर गुप्ता ने स्वयं स्टेशनों का निरीक्षण किया।
राष्ट्र प्रेस
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