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क्या केंद्रीय कृषि मंत्री के क्षेत्र में नकली खाद-बीज ने किसानों को बर्बाद किया? : उमंग सिंघार

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क्या केंद्रीय कृषि मंत्री के क्षेत्र में नकली खाद-बीज ने किसानों को बर्बाद किया? : उमंग सिंघार

सारांश

किसानों के लिए संकट का समय! नकली खाद-बीज का मुद्दा उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय कृषि मंत्री के क्षेत्र में बर्बादी की बात की। क्या यह समस्या केवल एक जिले तक सीमित है? जानें इस गंभीर मुद्दे पर पूरी कहानी।

मुख्य बातें

नकली खाद-बीज का मुद्दा गंभीर है।
किसानों की मेहनत और सपनों का नाश हो रहा है।
सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
कृषि मंत्री की जिम्मेदारी पर सवाल उठते हैं।
कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है।

भोपाल, 22 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य में नकली खाद-बीज के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र में भी नकली खाद-बीज की बिक्री हुई है, जिसने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि नकली खाद-बीज ने मध्य प्रदेश के किसानों की मेहनत और सपनों को नष्ट कर दिया है। विडंबना यह है कि यह तबाही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के ही जिले विदिशा में हुई है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब कृषि मंत्री अपने ही घर की जमीन और किसानों की फसल सुरक्षित नहीं रख पाए तो पूरे देश के किसानों की रक्षा कैसे करेंगे। आज प्रदेशभर में किसान नकली खाद-बीज माफियाओं के शिकार हो रहे हैं, फसलें चौपट हो रही हैं और सरकार माफियाओं के साथ खड़ी है। किसान खेत में रो रहा है और सरकार सत्ता के नशे में सो रही है। फर्जी जनादेश और वोट चोरी से बनी सरकार कभी प्रदेश के किसानों और जनता के हित में नहीं सोच सकती।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने राज्य के उच्च शिक्षा के संस्थानों में रिक्त पदों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के 17 सरकारी विश्वविद्यालयों में 74 प्रतिशत सहायक प्राध्यापक पद रिक्त पड़े हैं, जबकि पांच विश्वविद्यालयों में एक भी प्राध्यापक नहीं है। युवाओं का भविष्य भगवान भरोसे है और भाजपा सरकार केवल प्रचार-प्रसार में व्यस्त है।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के महाविद्यालय को लेकर चल रहे घमासान पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलना उनकी सच्चाई और ईमानदारी का प्रमाण है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एफआईआर की जांच पर रोक लगाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सत्य को दबाया नहीं जा सकता। उन पर दर्ज मुकदमा राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होता है। कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और हमें देश की न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस द्वारा वोट चोरी का मुद्दा उठाने के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगातार अनियमितता की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा घटनाक्रम में टीकमगढ़ जिले में एक केंद्रीय मंत्री के बंगले के पास से 43 वोटर आईडी बरामद हुई हैं। यह कांग्रेस के आरोपों की पुष्टि करता है। जाहिर है कि कांग्रेस के खुलासे के बाद भाजपा में हड़कंप मचा हुआ है और चोरी के सबूत मिटाए जा रहे हैं। लेकिन, हैरानी की बात है कि हलफनामा मांगने वाला चुनाव आयोग टीकमगढ़ की इस घटना पर आंख मूंदकर सो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि नकली खाद-बीज की बिक्री किसानों के लिए गंभीर संकट का कारण बन रही है। सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नकली खाद-बीज से किसानों को क्या नुकसान होता है?
नकली खाद-बीज से किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे उनकी मेहनत और पूंजी का नुकसान होता है।
किसानों को अपने अधिकारों के लिए क्या करना चाहिए?
किसानों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए और सरकार से उचित कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।
सरकार इस समस्या को कैसे हल कर सकती है?
सरकार को सख्त कानून बनाकर और नकली खाद-बीज के व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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