हरियाणा में BJP को हराना संभव, कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी को नेता मानें: कुलदीप शर्मा
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने 9 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और मुख्यमंत्री पद के दावेदार को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कांग्रेस के कार्यकर्ता राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार कर एकजुट होकर मैदान में उतरें, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हरियाणा में शिकस्त दी जा सकती है। साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें हुड्डा ने कहा था कि प्रदेश का मुख्यमंत्री किसी भी जाति से हो सकता है और इसका अंतिम फैसला पार्टी का हाईकमान करेगा।
हुड्डा के बयान को बताया नैतिक जीत
कुलदीप शर्मा ने कहा, 'कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़े। मैं भूपेंद्र सिंह हुड्डा का धन्यवाद करना चाहता हूँ कि उन्होंने मेरे पत्र का संज्ञान लिया और मीडिया के सामने यह स्वीकार किया कि कांग्रेस कभी जाति के आधार पर मुख्यमंत्री पद का फैसला नहीं करती।' उन्होंने इसे अपनी 'नैतिक जीत' करार दिया। शर्मा ने आगे कहा कि हुड्डा ने मुख्यमंत्री के प्रश्न को हाईकमान को सौंपकर एक साहसिक कदम उठाया है, और चुनाव के बाद हाईकमान जो भी निर्णय लेगी, वही व्यक्ति हरियाणा का मुख्यमंत्री बनेगा।
ओबीसी और वंचित वर्गों की साझेदारी पर जोर
शर्मा ने यह भी कहा कि उन्हें तब और अधिक प्रसन्नता होती, जब हुड्डा यह भी कहते कि मुख्यमंत्री ओबीसी, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से भी हो सकता है — क्योंकि इससे एक अलग और सशक्त संदेश जाता। उन्होंने राहुल गांधी की जातिगत जनगणना की माँग का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा को भी यह बात माननी पड़ी, जो राहुल गांधी के सामाजिक न्याय अभियान की सफलता है।
गौरतलब है कि शर्मा ने यह भी रेखांकित किया कि 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी साझेदारी' — यही वह एजेंडा है जिसके आधार पर भाजपा पिछड़े वर्गों में बढ़त बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बहुत दिनों के बाद ओबीसी के आधार पर बड़ा सम्मेलन हुआ, जो बहुत लंबे इंतजार के बाद संभव हुआ।
हरियाणा चुनाव का जातीय गणित
कुलदीप शर्मा के अनुसार हरियाणा चुनाव में हर समाज का अपना गणित है, और कांग्रेस को उस गणित को ठीक से समझना होगा। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जमीनी हकीकत को समझते हुए विभिन्न समाजों की संस्कृति को ध्यान में रखकर बयान दिया, जो पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में सहायक होगा। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस प्रदेश में अपनी संगठनात्मक एकजुटता को लेकर सवालों से घिरी रही है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुटता की अपील
शर्मा ने अंत में दोहराया कि यदि कांग्रेस के कार्यकर्ता राहुल गांधी को अपना नेता मानकर एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे, तो हरियाणा में BJP को हराना पूरी तरह संभव है। उनका यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब पार्टी के भीतर सीएम उम्मीदवार को लेकर अनिश्चितता की चर्चाएँ जारी हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर और अधिक स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है।