हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत और भाजपा पर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस की जीत को लोकतंत्र की जीत माना गया है।
- भाजपा पर गंभीर आरोप लगे हैं।
- यह सियासी घटनाक्रम भविष्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत पर पार्टी के नेताओं ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया है। वहीं, भाजपा पर खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया।
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने हरियाणा में पार्टी की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह सभी विधायकों का धन्यवाद करना चाहती हैं, जिन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार को जीताने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी को पहले से ही जीत का भरोसा था और इसी विश्वास के साथ चुनाव लड़ा गया।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस जीत को हरियाणा के नागरिकों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि आज का दिन हरियाणा के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है और हर नागरिक बधाई का पात्र है। हुड्डा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यसभा सीट हासिल करने के लिए अनैतिक रणनीतियों का सहारा लिया गया और ऐसी राजनीति पहले कभी नहीं देखी गई।
उन्होंने बताया कि साम, दाम, दंड और भेद जैसी रणनीतियों का प्रयोग किया गया और कांग्रेस ने खरीद-फरोख्त की कोशिशों को विफल किया। जब ये प्रयास नाकाम रहे, तो रात के अंधेरे में लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई और कांग्रेस के चार वैध वोटों को अवैध करार दिया गया। हुड्डा ने कहा कि यह लड़ाई यहीं खत्म नहीं होगी और पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी ताकि प्रदेश और देश के लोग इस पर विचार कर सकें।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद दर्शन सिंह ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दों की कमी है, इसलिए वह इस तरह के आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा का संगठन और कैडर लगातार मजबूत हो रहा है और पीएम मोदी के नेतृत्व में जनता का विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह जीत भविष्य की दिशा तय करने वाली है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए 2027 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।
इसी बीच, कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर दिए गए बयान को लेकर भी सियासत गरमा गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दर्शन सिंह ने कहा कि प्रियंक खरगे को आरएसएस के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आरएसएस एक समर्पित संगठन है और इसके कार्यकर्ताओं की निष्ठा किसी अन्य संगठन में नहीं मिलती।