16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की आवश्यकता है?: इजरायली राजदूत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की आवश्यकता है?: इजरायली राजदूत

सारांश

क्या आतंकवाद को समाप्त करने की आवश्यकता है? इजरायल के महावाणिज्य दूत के विचारों से जानें। आरएसएस के योगदान की सराहना करते हुए, उन्होंने भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों पर भी प्रकाश डाला।

मुख्य बातें

आतंकवाद की समस्या को पहचानना आवश्यक है।
आरएसएस का युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव है।
इजरायल-भारत संबंधों में मजबूती आ रही है।
आतंकवादी संगठनों को रोकना अनिवार्य है।
दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने भारत में आरएसएस के योगदान की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने भारत में आतंकवाद से निपटने की जरूरतों को पहचानने पर ध्यान केंद्रित करने की बात भी कही। राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि हम आतंकवादी संगठनों को इजरायल में रहने वाले आम लोगों को धमकाने की इजाजत नहीं दे सकते।

उन्होंने कहा, "यह सिर्फ इजरायल के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी आवश्यक है कि हम आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत को पहचानें। हम आतंकवादी संगठनों को इजरायल में रहने वाले आम लोगों को धमकाने की इजाजत नहीं दे सकते। उम्मीद है, अब जब दूसरे देश इस बात पर सहमत हैं कि हमास के हथियार खत्म कर देने चाहिए, तो हम दूसरे चरण की ओर बढ़ सकते हैं जिसका ऐलान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया था।"

यानिव रेवाच ने कहा, "मुझे भारत में इजरायल का प्रतिनिधि होने पर गर्व है, खासकर ऐसे समय में जब हमारे दोनों देशों के बीच रिश्ते बहुत मजबूत हैं और हर दिन और मजबूत होते जा रहे हैं। हाल ही में कई इजरायली मंत्रियों ने भारत का दौरा किया है, जिनमें विदेश, ट्रांसपोर्ट, वाणिज्य और वित्त मंत्री शामिल हैं।"

उन्होंने कहा, "हमें छात्रों के साथ एक हैकाथॉन का उद्घाटन करने के लिए नागपुर बुलाया गया था। मेरे लिए युवा पीढ़ी से जुड़ना और जल से जुड़ी समस्याओं को हल करने के तरीके खोजना वाकई दिलचस्प था। नागपुर में रहते हुए, मुझे यह भी महसूस हुआ कि आरएसएस मुख्यालय जाना जरूरी है, क्योंकि इसकी अहमियत है।"

आरएसएस के बारे में यानिव रेवाच ने कहा, "यह देखना वाकई दिलचस्प था कि वे युवा वर्गों के साथ इतने करीब से कैसे काम करते हैं; यह सच में कमाल का था। जब शिक्षा, नेतृत्व, मूल्यों और खासकर समुदाय की बात आती है, तो वे लोगों से जुड़ने और सभी को जोड़ने की सच्ची कोशिश करते हैं। मुझे लगता है कि इजरायल के साथ कई समानताएं हैं: जब इजरायल बना, तो यहूदी आंदोलनों ने वैल्यूज़ डालने, युवाओं को साथ लाने और उन्हें उनकी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इजरायल और भारत के बीच संबंध मजबूत हो रहे हैं?
हाँ, इजरायल के महावाणिज्य दूत ने कहा है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते हर दिन और मजबूत हो रहे हैं।
आरएसएस का युवाओं पर क्या प्रभाव है?
आरएसएस युवाओं के साथ काम करने में सक्रिय है और शिक्षा, नेतृत्व और मूल्यों को बढ़ावा देता है।
क्या आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा संभव है?
इजरायल के महावाणिज्य दूत ने कहा कि इसे पूरी तरह खत्म करने की आवश्यकता है और यह एक वैश्विक चुनौती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले