क्या एयर इंडिया की टॉप लीडरशीप में बड़ा बदलाव होने वाला है? टाटा ग्रुप नए सीईओ की खोज में है
सारांश
Key Takeaways
- टाटा ग्रुप नए सीईओ की खोज में है।
- मौजूदा सीईओ का कॉन्ट्रैक्ट 2027 में समाप्त हो रहा है।
- अहमदाबाद विमान दुर्घटना ने एयरलाइन की वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया है।
- एयर इंडिया के पुनरुद्धार के लिए सुरक्षा चिंताएं एक बड़ी बाधा हैं।
- टाटा ग्रुप ने एयरक्राफ्ट बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए निवेश किया है।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टाटा ग्रुप एयर इंडिया के लिए नए सीईओ की खोज कर रहा है। इस कदम के पीछे अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद आई आर्थिक चुनौतियाँ और एयरलाइन की वित्तीय स्थिति का निजीकरण के बाद पटरी पर नहीं लौटना है।
इस मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के सीईओ पद के लिए कई संभावित उम्मीदवारों से चर्चा की है, जिनके पास बड़ी एयरलाइन चलाने का अच्छा अनुभव है।
एक सूत्र ने बताया कि मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन, जिनका कॉन्ट्रैक्ट 2027 में समाप्त हो रहा है, एयरलाइन के साथ आगे काम करने में रुचि नहीं रखते। इसलिए नई नियुक्ति एक तरह से आपसी सहमति से अलग होने जैसा होगा।
लीडरशिप में बदलाव की एक मुख्य वजह यह है कि एयर इंडिया शायद 31 मार्च का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकेगी, जो एयरलाइन के लिए ब्रेक-ईवन पॉइंट तक पहुंचने के लिए तय किया गया था। जून 2025 में अहमदाबाद में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का क्रैश एयर इंडिया और उसके पुनरुद्धार योजना के लिए एक बड़ा झटका था।
नए सीईओ की नियुक्ति के मुद्दे पर राष्ट्र प्रेस द्वारा एयर इंडिया को भेजे गए सवाल का इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला था।
हालांकि, टाटा ग्रुप ने अपने एयरक्राफ्ट बेड़े को आधुनिक बनाने और रूट्स का विस्तार करने के लिए बड़ा निवेश किया है, लेकिन एयरलाइन के पुनरुद्धार में विमानों की डिलीवरी में देरी और पुराने विमानों के लिए रीफर्बिशमेंट की योजना में बाधाएँ आ रही हैं। अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी एयरलाइन के पुनरुद्धार में रुकावट डाल रही हैं।
इसके अलावा, पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद करने जैसे ऑपरेशनल मुद्दों ने भी एयर इंडिया के वित्तीय प्रदर्शन पर असर डाला है, जिससे उड़ान के रास्ते लंबे हो गए हैं और ऑपरेशन की लागत बढ़ गई है।
न्यूजीलैंड में जन्मे कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान उस समय संभाली थी, जब टाटा ग्रुप ने सरकार से एयरलाइन को खरीदा था। 53 साल के विल्सन ने सिंगापुर एयरलाइंस और उसकी लो-कॉस्ट सब्सिडियरी स्कूट में सीनियर मैनेजमेंट में लंबा समय बिताया है।
सूत्रों के अनुसार, टाटा ग्रुप की लो-कॉस्ट सब्सिडियरी एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी लीडरशिप में बड़े बदलाव की संभावना है।