क्या भगवान राम का सम्मान करने वाले का हम भी करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- भगवान राम का सम्मान करना अनिवार्य है।
- राजनीति में भगवान राम की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- हमें एकजुट रहकर सनातन धर्म की रक्षा करनी चाहिए।
- भारतीय समाज में सहिष्णुता जरूरी है।
- किराएदार या मकान-मालिक की बहस से परे, हमें एकजुट होना चाहिए।
मथुरा, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा है कि जो व्यक्ति भगवान राम के प्रति आस्था रखेगा, वह कभी भी सनातन धर्म को मानने वाले लोगों से नफरत नहीं कर सकता। इसके अतिरिक्त, उसे भारत माता की जय का नारा लगाने में भी कोई असहमति नहीं होगी।
देवकीनंदन ठाकुर ने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि भगवान राम हमारे लिए आस्था का केंद्र हैं। वे हमारी जिंदगी की बुनियाद हैं, लेकिन यह दुःख की बात है कि वर्तमान समय में कई राजनीतिक दलों के लोग भगवान राम को लेकर भिन्न-भिन्न अवधारणाएँ बना रहे हैं। यह उनके दोहरे रवैये का प्रतीक है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राम मंदिर जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि हम इस कदम का स्वागत करते हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जो कोई भी भगवान राम से प्रेम करेगा, हम उसका सम्मान करेंगे। चाहे वह कोई भी हो, जैसे कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी, या फिर सीएम योगी आदित्यनाथ। मतलब साफ है कि यदि आप भगवान राम का सम्मान करेंगे, तो हम आपका सम्मान करेंगे।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने ओवैसी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम किराएदार नहीं, बल्कि मकान मालिक हैं। उन्होंने कहा कि किराएदार ओवैसी नहीं, बल्कि हम हैं। हमने कब कहा कि आप लोग किराएदार हैं। आप खुद अपनी अवधारणाएँ बना रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने पाकिस्तान का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पर रहने वाले हिंदू क्या थे? आज वहां रह रहे हिंदुओं की स्थिति कैसी है, यह बात किसी से छुपी नहीं है। वर्तमान में कौन सा राजनीतिक दल हमारी बात सुनेगा, इस पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम इस बात पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं करना चाहते कि वे किराएदार हैं या मकान-मालिक। हम केवल इतना कहना चाहते हैं कि यह देश राम का था, राम का है और आगे भी राम का रहेगा या नहीं, यह इस पर निर्भर करता है कि हम सनातनी एकत्रित रहते हैं या नहीं। यदि हम सनातनी एकजुट नहीं रहेंगे, तो हमें वेट एंड वॉच की स्थिति में आना होगा।