क्या भारत सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं की रक्षा करेगी, जैसे इजरायल यहूदियों की करता है?: महंत उमेश चंद
सारांश
Key Takeaways
- महंत उमेश चंद वाजपेयी ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर चिंता जताई।
- उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत कदम उठाने की अपील की।
- इजरायल के उदाहरण से भारत को सीखने की आवश्यकता है।
लखनऊ, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महंत उमेश चंद वाजपेयी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार से तुरंत कदम उठाने की अपील की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भारत की हिंदुवादी सरकार इस मामले में कार्रवाई नहीं करेगी, तो क्या इजरायल की यहूदी सरकार कदम उठाएगी।
महंत ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन पर हमले हो रहे हैं और उनका वहां जीना मुश्किल हो गया है। ऐसे में केंद्र सरकार को तुरंत उचित कदम उठाना चाहिए।
सरकार को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए, ताकि वहां पर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने इजरायल का उदाहरण देते हुए कहा कि इजरायल एक यहूदी देश है, और जब भी कहीं यहूदियों के साथ अत्याचार होता है, तो इजरायल सरकार तत्काल कार्रवाई करती है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो।
महंत ने यह भी कहा कि भौगोलिक दृष्टि से इजरायल दुश्मन देशों से घिरा हुआ है, लेकिन वह हमेशा अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए लड़ता रहता है। कई मौकों पर इजरायल ने अपने दुश्मनों को कड़ा जवाब दिया है, जो इस बात का प्रतीक है कि वह अपने अस्तित्व को खतरे में नहीं डालने देगा।
महंत ने आशंका जताई कि अगर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के मामले में भारत सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश एकजुट हो सकते हैं और मिलकर हिंदुओं पर हमले कर सकते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार के लिए यह अनिवार्य हो जाता है कि वह बिना समय गंवाए बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि भारत में इतने वर्षों से हिंदुवादी सरकार है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। क्या भारत इतना कमजोर हो चुका है? यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज हिंदुओं पर चारों ओर से हमले हो रहे हैं, लेकिन कोई भी आवाज उठाने वाला नहीं है।