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क्या ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से बिहार में राहुल गांधी की दाल गलेगी?

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क्या ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से बिहार में राहुल गांधी की दाल गलेगी?

सारांश

बिहार में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा को लेकर जदयू सांसद दिलेश्वर कामत ने कहा है कि यह यात्रा प्रभावी नहीं होगी। जानिए इस यात्रा का उद्देश्य और बिहार की जनता की क्या सोच है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी की यात्रा 1300 किलोमीटर की होगी।
यात्रा 25 जिलों को कवर करेगी।
जदयू सांसद ने कहा कि बिहार की जनता अनुभवी है।
चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया गया।
उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए ने योग्य उम्मीदवार को आगे बढ़ाया है।

नई दिल्ली, 18 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के सासाराम से आरंभ हुई लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सांसद दिलेश्वर कामत ने कहा कि राहुल गांधी सहित इंडी अलायंस की दाल बिहार में गलने वाली नहीं है। राहुल गांधी की यह यात्रा रविवार को सासाराम से शुरू हुई। 16 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। 25 जिलों को कवर करने के बाद यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित एक जनसभा में होगा।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में जदयू सांसद ने कहा कि बिहार की जनता अनुभवी है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के विकास कार्यों को पहचानती है, जिसके चलते विपक्ष की यह यात्रा प्रभावी नहीं होगी।

चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के आरोपों पर जदयू सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए प्रेस वार्ता की है, जिसमें राहुल गांधी से सात दिनों के भीतर हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करने या माफी मांगने को कहा गया।

जदयू सांसद ने कहा कि बिहार की जनता सब कुछ देख रही है कि कैसे इंडी अलायंस के लोग चुनाव आयोग, जो कि एक संवैधानिक संस्था है, पर आरोप लगाते हैं। आयोग संवैधानिक संस्था होने के नाते निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना, मृत या फर्जी वोटरों को हटाना और डुप्लिकेशन को खत्म करना है। आयोग की यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है।

एनडीए द्वारा महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करने पर जदयू सांसद दिलेश्वर कामत ने कहा कि सीपी राधाकृष्णन बहुत ही योग्य और अनुभवी व्यक्ति हैं। वह झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। पहले भी वह साउथ में भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं। हम लोगों को योग्य व्यक्ति मिल रहा है। एनडीए ने एक योग्य उम्मीदवार को आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार अनुभवी व्यक्ति हैं। हमारा दोनों सदनों में बहुमत है। हमारी जीत तय है। उन्होंने कहा कि देश को उनके अनुभवों का लाभ होगा। एनडीए वोट देकर भारी मतों से उन्हें जीताएंगे। मैं इंडिया ब्लॉक से भी कहना चाहूंगा कि उन्हें अपना समर्थन देना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा का क्या उद्देश्य है?
इस यात्रा का उद्देश्य मतदाता जागरूकता बढ़ाना और चुनाव प्रक्रिया में सुधार लाना है।
दिलेश्वर कामत ने यात्रा के बारे में क्या कहा?
दिलेश्वर कामत ने कहा कि यह यात्रा बिहार में प्रभावी नहीं होगी।
यात्रा कब समाप्त होगी?
यह यात्रा 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में समाप्त होगी।
मतदाता सूची में सुधार का क्या महत्व है?
मतदाता सूची में सुधार से चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनती है।
सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार क्यों बनाया गया?
उन्हें उनकी योग्यताओं और अनुभव के कारण एनडीए द्वारा उम्मीदवार बनाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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