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क्या चुनाव आयोग ने कोई ऐसा कार्य किया है, जिससे उनकी मंशा पर सवाल उठे? : विजय चौधरी

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क्या चुनाव आयोग ने कोई ऐसा कार्य किया है, जिससे उनकी मंशा पर सवाल उठे? : विजय चौधरी

सारांश

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंत्री विजय चौधरी ने चुनाव आयोग की मंशा को लेकर उठ रहे सवालों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि आयोग ने अब तक ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जो उनकी नीयत पर संदेह उत्पन्न करे। जानें इस पर और क्या कहा गया।

मुख्य बातें

विजय चौधरी का स्पष्ट बयान चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जोर देता है।
मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य सभी योग्य मतदाताओं को सुनिश्चित करना है।

पटना, २४ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव आयोग ने अब तक ऐसा कोई कार्य नहीं किया है कि जिसकी मंशा पर सवाल उठाया जा सके.

वास्तव में, विधानसभा में मतदाता पुनरीक्षण पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने अपनी-अपनी बातें रखीं।

सरकार की ओर से बोलते हुए बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने कहा, "यह अच्छा लगा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी पहली पंक्ति में कहा कि एसआईआर के वे विरोध में नहीं हैं, लेकिन अंतिम पंक्ति में कहा कि बिहार सरकार यह गारंटी दे कि कोई मतदाता छूटेगा नहीं।"

उन्होंने सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए सदन को आश्वस्त किया कि सरकार का यह वादा है कि बिहार के किसी भी वाजिब मतदाता को वोट देने से वंचित नहीं किया जाएगा.

मंत्री विजय चौधरी ने मौलिक अधिकार और वोट देने के अधिकार के अंतरों को स्पष्ट करते हुए बताया कि मतदाता वही होगा, जो नागरिक होगा. गहन पुनरीक्षण भी संविधान और लोक प्रतिनिधित्व कानून के अंतर्गत है.

उन्होंने कहा, "पुनरीक्षण हर चुनाव से पहले होता है। गहन पुनरीक्षण इतने समय बाद हो रहा है। इसमें फर्क है। सामान्य पुनरीक्षण में सिर्फ किए गए दावे पर विचार किया जाता है। किसी का नाम जुड़ता या हटाया जाता है। 2003 के बाद यह विशेष गहन पुनरीक्षण हो रहा है। इसमें एक-एक घर में जाकर देखा जाता है कि वह मतदाता घर में हैं कि नहीं। पिछली बार, 2003 में भी एक महीने में यह काम हुआ था, इस बार भी लगभग उतने समय में हो रहा है।"

उन्होंने विपक्ष के सदस्यों पर तंज कसते हुए कहा, "आप सभी अपना नाम अपडेट करा रहे हैं और जनता को भ्रमित कर रहे हैं कि पुनरीक्षण बंद करवा दिया जाना चाहिए."

उन्होंने बताया कि 95 प्रतिशत वोटरों की जांच के बाद इसे रोकने की इस तरह की जिद करना गलत है.

उन्होंने विश्वास देते हुए कहा कि जिसका भी नाम छूटेगा, आयोग उनका दावा देखेगा. अगर आपके पास कोई आंकड़ा है तो दें। जो आवेदक छूटते नजर आ रहे हैं, उनकी जानकारी दीजिए, आयोग देखेगा.

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनाव आयोग का कार्य निष्पक्षता और पारदर्शिता का प्रतीक होना चाहिए। मंत्री विजय चौधरी का यह बयान इस दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी मतदाता अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या चुनाव आयोग ने कभी विवादास्पद कार्य किया है?
चुनाव आयोग के कार्यों पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार मंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट किया है कि आयोग की मंशा साफ है।
मतदाता पुनरीक्षण का महत्व क्या है?
मतदाता पुनरीक्षण यह सुनिश्चित करता है कि सभी योग्य मतदाता चुनाव में भाग ले सकें और कोई भी मतदाता छूटे नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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