क्या कांग्रेस का इतिहास वास्तव में हिंदू धर्म का विरोध है? - शांभवी चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- शांभवी चौधरी ने मणिशंकर अय्यर के बयान की तीखी आलोचना की।
- कांग्रेस का इतिहास हिंदू धर्म के खिलाफ होने का आरोप लगाया गया।
- हिंदू धर्म को खूबसूरत और सम्मानित धर्म बताया गया।
- नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की गई।
- राजनीतिक बयानों का धार्मिक समुदायों पर प्रभाव हो सकता है।
समस्तीपुर, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोजपा (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर के हिंदुत्व संबंधी बयान पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक पुराना इतिहास है, जिसमें उसके नेता लगातार हिंदू और हिंदुत्व को निशाना बनाते हैं।
समस्तीपुर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सांसद शांभवी चौधरी ने मणिशंकर अय्यर के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस बयान की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। मैं इसे पूर्णतः नकारती हूं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से हिंदू धर्म के खिलाफ रही है। यह कांग्रेस का ही दृष्टिकोण है कि इस देश में क्रिश्चियन और मुस्लिम रह सकते हैं, लेकिन हिंदू को सेक्युलर होना पड़ता है। कांग्रेस की हिंदू धर्म के प्रति सोच इसके नेताओं के बयानों से स्पष्ट होती है, जो हर साल अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं।
शांभवी चौधरी ने कहा कि हिंदू धर्म एक खूबसूरत धर्म है, जीने का एक तरीका है, और इसे अपमानित करना अपराध है।
जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने हाल ही में लालू यादव और नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की। जब इस पर शांभवी चौधरी से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि भारत रत्न देने के लिए कुछ मापदंड होते हैं। बिहार की बेटी के रूप में, मुझे लगता है कि नीतीश कुमार को भारत रत्न मिलना चाहिए। हालांकि, इसके लिए सरकार को निर्णय लेना है।
बता दें कि हाल ही में जदयू नेता केसी त्यागी ने केंद्र सरकार से नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की। जब इस पर तेज प्रताप यादव से सवाल किया गया, तो उन्होंने सहमति जताई, लेकिन कहा कि पहले उनके पिता और राजद के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को यह सम्मान मिलना चाहिए।