29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दांडी सत्याग्रह: भारत की स्वतंत्रता का एक महत्वपूर्ण अध्याय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दांडी सत्याग्रह: भारत की स्वतंत्रता का एक महत्वपूर्ण अध्याय

सारांश

महात्मा गांधी द्वारा शुरू किया गया दांडी नमक सत्याग्रह, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी, की वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उपराष्ट्रपति और दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक घटना की महत्ता को रेखांकित किया है।

मुख्य बातें

दांडी सत्याग्रह का आरंभ १२ मार्च १९३० को हुआ।
महात्मा गांधी ने इस आंदोलन के माध्यम से सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को प्रस्तुत किया।
यह आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण मोड़ था।
इसने स्वतंत्रता की भावना को और प्रबल किया।
आज इसे पूरे देश में मनाया जा रहा है।

नई दिल्ली, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। १२ मार्च १९३० को महात्मा गांधी द्वारा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए शुरू किया गया 'दांडी नमक सत्याग्रह' आज पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने महात्मा गांधी को याद करते हुए एक्स पर लिखा, "महात्मा गांधी के नेतृत्व में १९३० में इसी दिन आरंभ हुआ ऐतिहासिक दांडी सत्याग्रह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसने सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्रव्यापी आत्मनिर्भरता की भावना को प्रेरित किया। मैं बापू और इस ऐतिहासिक मार्च में शामिल सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूँ। जैसे-जैसे हम आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर रहे हैं, इस आंदोलन द्वारा प्रेरित आत्मनिर्भरता की भावना हमारे राष्ट्र के मार्गदर्शन करती रहेगी।"

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "१२ मार्च १९३० को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा साबरमती से दांडी तक आरंभ किया गया दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक अत्यंत गौरवपूर्ण अध्याय है। नमक कानून के खिलाफ यह शांतिपूर्ण आंदोलन सत्य, अहिंसा और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बना। इस ऐतिहासिक आंदोलन ने पूरे देश को अन्याय के खिलाफ संगठित होने की प्रेरणा दी और स्वतंत्रता एवं स्वाभिमान की भावना को नई ऊर्जा दी। स्वतंत्रता संग्राम के इस महत्वपूर्ण पड़ाव के सूत्रधार महात्मा गांधी और सभी समर्पित सत्याग्रहियों को सादर नमन।"

भाजपा नेता डॉ. महेंद्र सिंह ने पोस्ट में लिखा, "१९३० में आज ही के दिन 'राष्ट्रपिता' महात्मा गांधी के नेतृत्व में साबरमती आश्रम से शुरू हुआ दांडी नमक सत्याग्रह ने हर आयु वर्ग में स्वतंत्रता की चाह को और भी प्रबल बना दिया। दांडी यात्रा में भाग लेने वाले सभी सत्याग्रहियों को शत-शत नमन।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि यह आंदोलन न केवल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, बल्कि इसने राष्ट्र को सच्चाई और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित आत्मनिर्भरता की भावना से भी जोड़ा। इस प्रकार के आंदोलनों की याद हमें आज भी प्रेरित करती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दांडी सत्याग्रह कब शुरू हुआ था?
दांडी सत्याग्रह १२ मार्च १९३० को महात्मा गांधी द्वारा शुरू किया गया था।
दांडी सत्याग्रह का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य नमक कानून के खिलाफ विरोध करना और स्वतंत्रता की आवाज उठाना था।
इस आंदोलन ने भारतीय समाज पर क्या प्रभाव डाला?
इस आंदोलन ने पूरे देश को अन्याय के खिलाफ संगठित होने की प्रेरणा दी और स्वतंत्रता की भावना को नई ऊर्जा दी।
कौन-कौन से नेता इस अवसर पर टिप्पणियाँ कर रहे हैं?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा नेता डॉ. महेंद्र सिंह ने इस अवसर पर टिप्पणियाँ की हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले