क्या जीडीपी में उछाल को भाजपा और कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत माना है, जबकि सीपीआई इसे झूठ बताती है?
सारांश
Key Takeaways
- गैर-स्थायी आर्थिक विकास
- राजनीतिक दृष्टिकोण में भिन्नताएँ
- किसानों की स्थिति का गंभीर होना
- अंतरराष्ट्रीय प्रभावों का आकलन
- सरकारी नीतियों की आवश्यकता
रायपुर, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.2 फीसदी की वृद्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी उपलब्धि से कम नहीं है। जब पूरी दुनिया में अस्थिरता का दौर चल रहा है, तब भारत में जीडीपी ने उछाल दर्ज किया है।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हमने कई विषम परिस्थितियों को पार करते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है, जिन्होंने इन कठिनाइयों के बावजूद स्थिति को संतुलित रखने की कोशिश की।
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम ने कहा कि इस जीडीपी में वृद्धि ने भारतीय जनता की शक्ति को प्रदर्शित किया है। इस आंकड़े से स्पष्ट होता है कि भारत कितना मजबूत है और कैसे हमारी जनता हर स्थिति का संतुलन बनाने में सक्षम है। यह जीडीपी में आई वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक शुभ संकेत है।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी जीडीपी में आई 8.2 फीसदी की वृद्धि को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत माना। उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक विकास है। इस आंकड़े से प्रमाणित होता है कि देश की आर्थिक गति में तेजी आ रही है।
उन्हें यह भी लगता है कि जब पूरे वर्ष का जीडीपी आंकड़ा सामने आएगा, तब स्थिति और स्पष्ट होगी। कुल मिलाकर, वह इसे एक अच्छा संकेत मानते हैं।
वहीं, सीपीआई के राज्य सचिव चिगुरुपति बाबू राव ने जीडीपी में आए इस उछाल को झूठा बताते हुए कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हमें इस उछाल के बारे में बताया है, लेकिन इसमें कोई सत्यता नहीं है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बहुत बुरी है। उद्योग और कल-कारखाने बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। किसानों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि वे आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं।
सीपीआई के राज्य सचिव ने कहा कि अगर हम भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखें, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का भी भारत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उनके इस ऐलान के बाद भारतीय आर्थिक गतिविधियाँ ठप हो गई थीं।
उन्होंने कहा कि भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए केंद्र सरकार को तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है।