क्या जदयू नेता राजीव रंजन का राजद पर आरोप सही है? भ्रष्टाचार से दागदार लोग आज उपदेश दे रहे हैं
सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्ट नेताओं द्वारा उपदेश देना हास्यास्पद है।
- राजद के नेताओं का इतिहास विवादास्पद है।
- पंजाब में कानून-व्यवस्था में कमी आई है।
- दिल्ली के चुनावों में आम आदमी पार्टी को नुकसान हुआ है।
- विपक्ष को एकजुट होकर मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
पटना, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पटना में सोमवार को कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की।
राजद के 'एक्स' पोस्ट और भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि जिन लोगों का खुद का रिकॉर्ड भ्रष्टाचार से दागदार रहा है, वही आज दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। राजद के शासनकाल में भ्रष्टाचार ही शासन का पर्याय बन गया था। पार्टी के प्रमुख नेता खुद चारा घोटाले में दोषी ठहराए जा चुके हैं और वर्तमान में आईआरसीटीसी और जमीन के बदले नौकरी मामलों में अदालत में पेश हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज बड़े-बड़े बयान देना अलग बात है, लेकिन यदि आज कोई मामला सामने आता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
पंजाब के अमृतसर में दिनदहाड़े आम आदमी पार्टी के एक सरपंच की हत्या पर जदयू प्रवक्ता ने पंजाब सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब में बड़े-बड़े वादों के आधार पर आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। मुख्यमंत्री के विज्ञापन अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छाए रहते हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था और विकास—दोनों ही मोर्चों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगले चुनाव में इस सरकार की वापसी की संभावना बेहद कम है।
दिल्ली दंगों के मामले में शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर राजीव रंजन ने कहा कि जब भी राष्ट्रीय संप्रभुता और अखंडता का सवाल उठता है, देश की जनता की भावनाएं ऐसे लोगों के खिलाफ मजबूती से सामने आती हैं। यह मामला देश की सर्वोच्च अदालत के सामने है और जो भी फैसला आएगा, वह सभी पक्षों को मान्य होगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डीएमके सरकार पर टिप्पणी को लेकर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि तमिलनाडु देश का एक विकसित और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य है, जो विकास के सभी मानकों पर खरा उतरता है, लेकिन डीएमके सरकार के कार्यकाल में अराजकता और कुप्रबंधन बढ़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्टालिन सरकार अनावश्यक बयानों के जरिए सुर्खियों में रहने की कोशिश कर रही है। जनता से जुड़े मुद्दों पर डीएमके ने लोगों को गुमराह किया है और आगामी चुनावों में उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
इंदौर में पानी दूषित होने की घटना पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि विपक्ष को सभी मुद्दों पर एक जैसा रवैया अपनाना चाहिए। इंदौर में जब लोग बीमार पड़े या जान गंवानी पड़ी, तो सख्त कदम उठाए गए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। विपक्ष को बेंगलुरु जैसे मामलों में भी यही मानक अपनाने चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
दिल्ली में शीशमहल और जल बोर्ड विवाद पर जदयू प्रवक्ता ने आम आदमी पार्टी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी वैकल्पिक राजनीति का मॉडल लेकर आई थी, जिसमें सादगी, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और लोगों के जीवन में सुधार का वादा किया गया था, लेकिन शीशमहल प्रकरण ने पार्टी के भ्रष्टाचार से जुड़े सारे काले रिकॉर्ड उजागर कर दिए। इस घटना के बाद जनता की धारणा तेजी से बदली और इसी का नतीजा था कि पिछला दिल्ली विधानसभा चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए भारी हार लेकर आया।