क्या केजरीवाल ने दिल्ली शराब घोटाले में अवैध लाभ लिया? वकीलों ने कोर्ट में रखा अपना पक्ष
सारांश
Key Takeaways
- केजरीवाल के खिलाफ आरोप निराधार बताए गए हैं।
- सीबीआई और ईडी मामले की जांच कर रही हैं।
- अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी।
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय करने की सुनवाई शनिवार को स्थगित कर दी गई। विशेष सीबीआई अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 7 फरवरी की तारीख निर्धारित की है।
सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से उपस्थित वकीलों ने अदालत में अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और इनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है। वकीलों ने यह भी कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यह साबित नहीं किया कि केजरीवाल ने किसी साउथ लॉबी से पैसे मांगे थे या कोई अवैध लाभ लिया था।
वकीलों का कहना था कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने केवल अपनी जिम्मेदारी निभाई और शराब नीति को पारदर्शिता की ओर बढ़ाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में कोई नया या ठोस सबूत नहीं है। यह सिर्फ पहले की चार्जशीट की कट और पेस्ट कॉपी है, जिसमें कुछ भी नया नहीं जोड़ा गया है। इस आधार पर उन्होंने मांग की कि केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय नहीं होने चाहिए।
इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। अदालत अब इस पर फैसला सुनाने वाली है। हालांकि, केजरीवाल के मामले में सुनवाई का अगला चरण अभी लंबित है।
दिल्ली शराब नीति घोटाले का यह मामला 2022 से चल रहा है। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों ही एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। इस घोटाले में कई प्रमुख नाम शामिल बताए जा रहे हैं और कई लोग पहले ही जेल में हैं। केजरीवाल इस मामले में जमानत पर बाहर हैं और नियमित रूप से अदालत में पेश हो रहे हैं।