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क्या ममता बनर्जी अराजकता और राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार हैं? : जेपी नड्डा

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क्या ममता बनर्जी अराजकता और राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार हैं? : जेपी नड्डा

सारांश

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी पर हुए हमले को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए ममता बनर्जी की हताशा को उजागर किया। जानिए इस विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में अराजकता बढ़ रही है।
सुवेंदु अधिकारी पर हमला हुआ है।
जेपी नड्डा ने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा।
लोकतंत्र पर हमलों का बढ़ता खतरा।
ममता बनर्जी की हताशा दर्शाती है कि उनकी पकड़ ढीली हो रही है।

नई दिल्ली, 7 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए हमले की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कड़ी निंदा की और राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा।

केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि मैं पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर कूचबिहार में टीएमसी के गुंडों द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इससे भी ज्यादा चिंताजनक यह है कि यह निर्लज्ज हमला राज्य पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो ममता बनर्जी सरकार में कानून-व्यवस्था की पूरी तरह से ध्वस्त स्थिति का स्पष्ट प्रतिबिंब है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक निर्वाचित प्रतिनिधि पर हमला नहीं था, बल्कि यह लोकतंत्र पर भी हमला था। मैंने सुवेंदु अधिकारी से बातचीत की और स्थिति का जायजा लिया। यदि पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की दुर्दशा की कल्पना ही की जा सकती है। अराजकता और राजनीतिक हिंसा की इस संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

सुवेंदु अधिकारी ने 5 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर हमले की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि कूचबिहार जिले के खगराबाड़ी मोड़ पर मेरे काफिले पर हमला किया गया, जब मैं कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशानुसार, कूचबिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल प्रस्तुत करने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय जा रहा था। यह हमला हाल ही में तीन भाजपा विधायक सुशील बर्मन, बरेन बर्मन और निखिल रंजन डे पर हुए हिंसक हमलों और तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगातार हमलों के बाद हुआ है।

उन्होंने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि कूचबिहार जिले और पूरे पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जहां उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए विपक्ष के नेता कूचबिहार जा रहे थे। राज्य प्रशासन को भी मेरे कार्यक्रम की पूरी जानकारी थी। ममता बनर्जी हताश हैं, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि बंगाल पर उनकी पकड़ ढीली पड़ रही है। उनका मानना है कि हिंसा मुझे डरा सकती है और मेरी गतिविधियों पर रोक लगा सकती है। वह बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम राजनीतिक हिंसा और अराजकता पर ध्यान दें। यह घटनाएं हमें सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हमारे लोकतंत्र की मूल बातें सुरक्षित हैं। राजनीतिक प्रतिकूलता को सही तरीके से संभालना चाहिए, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन हैं सुवेंदु अधिकारी?
सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और भाजपा के प्रमुख नेताओं में से एक हैं।
ममता बनर्जी पर आरोप क्यों लगाए गए?
जेपी नड्डा ने ममता बनर्जी की सरकार पर अराजकता और राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
कूचबिहार में क्या हुआ?
कूचबिहार में सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर टीएमसी के गुंडों ने हमला किया।
क्या यह हमला लोकतंत्र पर हमला है?
जेपी नड्डा के अनुसार, यह हमला लोकतंत्र पर भी हमला है।
क्या ममता बनर्जी की सरकार में कानून-व्यवस्था ठीक है?
जेपी नड्डा ने कहा है कि ममता बनर्जी सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है।
राष्ट्र प्रेस
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