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क्या पढ़े-लिखे युवाओं का हिंसा में शामिल होना देश के लिए खतरनाक है? : कपिल देव अग्रवाल

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क्या पढ़े-लिखे युवाओं का हिंसा में शामिल होना देश के लिए खतरनाक है? : कपिल देव अग्रवाल

सारांश

उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी और दिल्ली दंगों में शामिल उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने पढ़े-लिखे युवाओं के हिंसा में शामिल होने को देश के लिए खतरनाक बताया।

मुख्य बातें

कल्याण सिंह का योगदान राजनीति में अमूल्य है।
दिल्ली दंगों में शामिल लोगों का हिंसा करना चिंताजनक है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय महत्वपूर्ण है।
सरकार और न्यायपालिका मिलकर देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हिंसा और दंगे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किए जा सकते।

लखनऊ, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित दिवंगत कल्याण सिंह की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज करने पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कल्याण सिंह का योगदान देश और प्रदेश की राजनीति में हमेशा याद रखा जाएगा। श्रद्धेय कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और उन्हें दो बार राज्यपाल के रूप में भी देश की सेवा करने का अवसर मिला। उनका जीवन जनसेवा, प्रशासनिक अनुभव और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है।

मंत्री ने कहा कि 'बाबूजी' ने अपने कार्यकाल में मजबूत नेतृत्व दिया और उनके योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

दिल्ली दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं सोमवार को खारिज किए जाने पर, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि जिस तरह इन लोगों ने दिल्ली को अस्थिर करने का प्रयास किया और ऐसे कृत्य किए, जो आतंकवादी गतिविधियों की श्रेणी में आते हैं, वह देश के लिए बेहद चिंताजनक हैं। जब पढ़े-लिखे लोग इस तरह की गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो यह स्थिति पूरे देश के लिए डर पैदा करने वाली होती है।

मंत्री ने आगे कहा कि कोर्ट ने इन मामलों में जो टिप्पणियां की हैं, वे बेहद गंभीर हैं और उनका स्वागत किया जाना चाहिए। अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे लोग देश की शांति, एकता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसी कारण उनकी जमानत याचिकाएं खारिज की गई हैं।

कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उन सभी तत्वों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो देश को अस्थिर करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने की सोच रखते हैं।

उन्होंने कहा, "इन लोगों का जेल में रहना और जमानत न मिलना यह दिखाता है कि देश का कानून और संविधान ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करेगा।"

मंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति की अपनी जगह होती है, लेकिन हिंसा, दंगे और देशविरोधी गतिविधियों को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायपालिका देश की सुरक्षा और संविधान की रक्षा के लिए हमेशा सख्त और निष्पक्ष फैसले लेती रहेगी। सरकार और न्यायपालिका मिलकर देश की एकता, अखंडता और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ऐसे मामलों में सख्त रुख आगे भी जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि पढ़े-लिखे युवाओं का हिंसा में शामिल होना गंभीर चिंता का विषय है। यह न केवल देश की सुरक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि समाज में हिंसा और अस्थिरता को भी बढ़ावा देता है। हमें एकजुट होकर इस समस्या का समाधान निकालना होगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपिल देव अग्रवाल ने किस अवसर पर कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी?
कपिल देव अग्रवाल ने कल्याण सिंह की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
दिल्ली दंगों में शामिल लोगों की जमानत याचिकाएं क्यों खारिज की गईं?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों में शामिल उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज की, क्योंकि उनके कार्य देश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा थे।
कपिल देव अग्रवाल का इस विषय पर क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे लोगों का हिंसा में शामिल होना देश के लिए बहुत चिंताजनक है और इसका कानून के तहत सख्त विरोध होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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