क्या राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को रोहिंग्या मतदाताओं से गहरा लगाव है?

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क्या राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को रोहिंग्या मतदाताओं से गहरा लगाव है?

सारांश

क्या बिहार में रोहिंग्या मतदाताओं को लेकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का गहरा लगाव है? जानिए सतीश चंद्र दुबे के ताजे बयान और बिहार की राजनीतिक स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का रोहिंग्या मतदाताओं से संबंध संदिग्ध है।
सतीश चंद्र दुबे ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं।
बिहार में कानून व्यवस्था पर विपक्षी दलों के आरोप जारी हैं।
बिहार की जनता विकास चाहती है।
रोहिंग्या मुद्दा एक ज्वलंत विषय है।

नई दिल्ली, 9 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बिहार दौरे को लेकर राजनीति में हलचल बढ़ गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के अन्य नेता विदेशी मतदाताओं के प्रति गहरा लगाव रखते हैं।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान सतीश चंद्र दुबे ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "मैं पूछता हूं कि उनकी नजर में सही क्या है? अगर वे किसी राज्य में चुनाव हार जाते हैं, तो अनियमितताओं के लिए चुनाव आयोग को दोषी ठहराते हैं, लेकिन अगर वे जीत जाते हैं, तो आयोग पर कोई सवाल नहीं उठाते। तेजस्वी यादव, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के अन्य नेताओं को विशेष रूप से 'रोहिंग्या' मतदाताओं से जुड़ाव है। इसलिए, उन्हें अपने ही देश के मतदाताओं पर भरोसा नहीं रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "चुनाव आयोग का कहना है कि यदि कोई नया वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है, तो उनके माता-पिता का नाम पहले से लिस्ट में होना चाहिए। उनके पास दस्तावेज होने चाहिए। लेकिन कहीं न कहीं ममता बनर्जी ने बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में रोहिंग्याओं को भरने का कार्य किया है। ये विपक्ष का वोट बैंक है और इसलिए उनकी परेशानी बढ़ रही है। यही कारण है कि विपक्षी दल चुनाव आयोग का विरोध कर रहे हैं। मुझे लगता है कि बिहार की जनता मन बना चुकी है। उन्हें राज्य में विकास की आवश्यकता है, न कि जंगलराज

क्या मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत और एकजुट करने के लिए बिहार बंद किया जा रहा है? इस सवाल पर उन्होंने कहा, "बंगाल के रास्ते बिहार और देश के अन्य राज्यों में रोहिंग्याओं ने शरण ली है। इसलिए ऐसे लोगों का नाम लिस्ट से हटाया जा रहा है। जब उनके पूर्वज यहां रहे ही नहीं हैं तो विपक्ष क्यों परेशान है?"

बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी उन्होंने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "बिहार में पहले एक योजना के तहत घटनाएं घटित होती थीं, लेकिन अब अपराधियों को पकड़ा जा रहा है। बिहार में मंगलवार को एक एनकाउंटर भी हुआ है। मैं इतना ही कहूंगा कि बिहार में कोई भी अमन-चैन के माहौल को रोकने का काम करेगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना होगा कि राजनीतिक बयानबाजी के पीछे के तथ्य क्या हैं। सभी दलों को अपने मतदाताओं की चिंता होनी चाहिए, लेकिन विदेशी मतदाता मुद्दा एक संवेदनशील विषय है। यह जरूरी है कि हम राजनीतिक संवाद को स्वस्थ बनाते रहें।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सतीश चंद्र दुबे का बयान सही है?
सतीश चंद्र दुबे का बयान उनकी राजनीतिक स्थिति और विचारधारा को दर्शाता है, लेकिन यह सत्यापित नहीं किया जा सकता।
रोहिंग्या मतदाता कौन हैं?
रोहिंग्या मतदाता वे लोग हैं जो बांग्लादेश से आए हैं और भारतीय नागरिकता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बिहार में कानून व्यवस्था कैसी है?
बिहार में कानून व्यवस्था में सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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