क्या सनातन के शत्रुओं से लड़ने की आवश्यकता है? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर रामदेव का बयान

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क्या सनातन के शत्रुओं से लड़ने की आवश्यकता है? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर रामदेव का बयान

सारांश

क्या सनातन के शत्रुओं से लड़ने की आवश्यकता है? योग गुरु बाबा रामदेव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं। जानिए उन्होंने क्या कहा और क्यों हिंदुओं का एकजुट रहना जरूरी है।

Key Takeaways

  • हिंदुओं का एकजुट रहना आवश्यक
  • सनातन के शत्रुओं से लड़ने की आवश्यकता
  • विवादों से दूर रहना चाहिए

अयोध्या, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। योग गुरु बाबा रामदेव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के विषय में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का एकजुट रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सनातन के शत्रु पहले से ही बहुत हैं। कोई इस्लामीकरण कर रहा है तो कोई गजवा-ए-हिंद में लगा है। इसलिए सनातन के शत्रुओं से लड़ना चाहिए, आपस में न उलझें।

प्रयागराज माघ मेला में स्नान के बाद अयोध्या में दर्शन करने पहुंचे बाबा रामदेव ने कहा, "हम शंकराचार्य को भगवान का रूप मानते हैं और हम उम्मीद करते हैं कि कोई भी शंकराचार्य किसी विवाद में शामिल न हो।"

योग गुरु ने कहा, "अब एक संत विवाद कैसे खड़ा कर सकता है? कम से कम धार्मिक स्थलों और तीर्थ स्थलों पर किसी भी संत को किसी विवाद में शामिल नहीं होना चाहिए। यहाँ न स्नान का और न पालकी का विवाद होना चाहिए।" बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि वह साधु किस बात का, जो अहंकार करे। साधु वही बनता है, जिसने अपने अपमान को मिटा दिया।

17 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज मेघा मेला में संगम घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। पूरे लाव-लश्कर के साथ वह अपनी पालकी पर आए थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें बिना रथ के आगे बढ़ने को कहा। इसी बात पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला व्यवस्था में जुटे कर्मचारियों के बीच विवाद हुआ था। बाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनके साथ यह व्यवहार जानबूझकर किया गया है। विवाद उस समय और बढ़ा, जब अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले में ही धरने पर बैठ गए।

Baba Ramdev ने अपने अयोध्या दौरे पर कहा, "सनातन सिर्फ शब्दों और प्रवचनों में नहीं है। यह हमारे जीवन में उतरे, हम राम की मर्यादाओं पर चलें, इसी संकल्प के साथ अयोध्या में दर्शन करने आए हैं।"

इससे पहले, गुरुवार को रामदेव ने माघ मेला में पूजा-अर्चना की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यहाँ आकर मुझे एक दिव्य अनुभव हुआ है। प्रयागराज 'तीर्थराज' है। माघ मेले के दौरान लाखों सनातनी यहाँ 'तपस्या' करते हैं। यहाँ आकर मेरा मन प्रसन्न हो गया है और मैंने यहाँ पूजा-अर्चना की।

Point of View

यह स्पष्ट है कि हिंदू समाज को एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता है। विवादों में उलझने के बजाय, हमें अपने मूल्यों और परंपराओं को संरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
NationPress
23/01/2026

Frequently Asked Questions

बाबा रामदेव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर क्या कहा?
बाबा रामदेव ने कहा कि हिंदुओं का एकजुट रहना जरूरी है और हमें आपस में नहीं लड़ना चाहिए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद क्यों हुआ?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद तब हुआ जब प्रशासन ने उन्हें बिना रथ के आगे बढ़ने को कहा।
योग गुरु बाबा रामदेव का संदेश क्या है?
योग गुरु बाबा रामदेव का संदेश है कि सनातन के शत्रुओं से लड़ना चाहिए, आपस में नहीं।
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