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क्या नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सभी फाइलों को सरकार सार्वजनिक करेगी? : ममता बनर्जी

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क्या नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सभी फाइलों को सरकार सार्वजनिक करेगी? : ममता बनर्जी

सारांश

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर केंद्र सरकार से उनकी सभी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने नेताजी के गायब होने का रहस्य और सांप्रदायिक सद्भाव के महत्व पर प्रकाश डाला।

मुख्य बातें

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपार है।
ममता बनर्जी का बयान नेताजी की विरासत को जीने का प्रयास है।
सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे का महत्व आज भी प्रासंगिक है।
सरकार से फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग एक बड़े प्रश्न को उठाती है।
नेताजी की सोच में सभी धर्मों और जातियों का समावेश था।

कोलकाता, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से केंद्रीय अभिलेखागार में महान भारतीय देशभक्त से संबंधित सभी फाइलों को तत्काल सार्वजनिक करने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर यह बात साझा करते हुए कहा कि नेताजी के गायब होने का रहस्य अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है, और यह एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले ही राज्य के अभिलेखागार में मौजूद नेताजी से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक कर दिया था।

उन्होंने लोगों को नेताजी की भावना और उनके द्वारा दिए गए सांप्रदायिक सद्भाव के संदेश की याद दिलाई।

सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, "दुर्भाग्यवश, नेताजी के गायब होने का रहस्य अब भी अनसुलझा है। हमें नहीं पता कि 1945 के बाद उनके साथ क्या हुआ। यह सभी के लिए बहुत दुखद है, लेकिन हमने राज्य की सभी फाइलें पहले ही सार्वजनिक कर दी थीं। मैं भारत सरकार से अपील करती हूं कि नेताजी से जुड़ी सभी जानकारियों को सामने लाया जाए।"

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि उनके सांप्रदायिक एकता और सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को अपनाने में है।

उन्होंने कहा, "नेताजी का मानना था कि देश केवल हिंदुओं या केवल मुसलमानों का नहीं है। उनके लिए यह सभी पुरुषों, महिलाओं, हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों, ईसाइयों, पंजाबियों, तमिलों, गुजरातियों और बंगालियों का था। उनकी आजाद हिंद फौज धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे का प्रतीक थी, जहां सभी धर्मों और जातियों के लोग एक साथ आए।"

उन्होंने आगे कहा कि यदि हम सच में नेताजी का सम्मान करना चाहते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम जाति, धर्म और लिंग की परवाह किए बिना एकता, भाईचारे और सद्भाव के उनके आदर्शों का पालन करें। हम सभी भारतीय हैं और यही हमारी पहचान है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि देशभक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर, मैं उन्हें दिल से नमन और श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। नेताजी, बंगाल, पूरे देश और पूरी दुनिया के लिए एक भावना हैं। लोग उन्हें कभी नहीं भूलेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत में धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे के मूल्यों को भी पुनः स्थापित करने का एक अवसर है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का क्या महत्व है?
नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे, जिन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन किया और देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए संघर्ष किया।
ममता बनर्जी ने किस चीज की मांग की है?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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