क्या <b>शिवहर</b> की जनता इस बार बदलाव लाएगी?

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क्या <b>शिवहर</b> की जनता इस बार बदलाव लाएगी?

सारांश

शिवहर की विधानसभा सीट पर राजनीतिक बदलाव की कहानी हर बार नई होती है। इस बार जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी? जानें शिवहर की राजनीतिक पृष्ठभूमि, जनसंख्या, और ऐतिहासिक महत्व वाले मंदिर के बारे में।

मुख्य बातें

शिवहर की विधानसभा सीट पर हर चुनाव में बदलाव का इतिहास है।
यह बिहार का सबसे छोटा जिला है।
शिवहर की जनसंख्या 6.56 लाख से अधिक है।
बाबा भुवनेश्वर नाथ मंदिर का धार्मिक महत्व है।
2020 में चेतन आनंद ने जीत हासिल की थी।

शिवहर, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के शिवहर जिले की एकमात्र विधानसभा सीट का नाम शिवहर है। पिछले कुछ दशकों से इस सीट पर राजनीतिक संघर्ष बेहद रोचक रहा है, क्योंकि यहां की जनता हर चुनाव में अपने प्रतिनिधि को बदलती रही है। बिहार के अन्य राजनीतिक मुद्दों से भिन्न, शिवहर की जनता ने प्रतिनिधि के परिवर्तन को प्राथमिकता दी है। इस बार शिवहर की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी, यह उसके विवेक पर निर्भर करेगा।

शिवहर जिला तिरहुत डिवीजन के उत्तरी हिस्से में स्थित है। यह बिहार राज्य के उत्तरी क्षेत्र में है। यह उत्तर और पूर्व में सीतामढी जिले से, दक्षिण में मुजफ्फरपुर जिले से और पश्चिम में पूर्वी चंपारण जिले से घिरा हुआ है। जनसंख्या और क्षेत्रफल दोनों के मामले में यह बिहार राज्य का सबसे छोटा जिला है।

शिवहर में पांच ब्लॉक हैं: शिवहर, पिपरारी, पुरनहिया, डुमरी कटसारी और तरियानी।

इस जिले को 6 अक्टूबर 1994 को बिहार सरकार द्वारा सीतामढ़ी जिले से अलग किया गया था। शिवहर बिहार राज्य का एक प्रशासनिक जिला है, जिसमें एक ही विधानसभा सीट है। जिला मुख्यालय शिवहर में स्थित है, जो जिले का एकमात्र शहर है। जिले में कुल 53 पंचायतें और 203 गांव हैं।

लगभग 443 वर्ग किलोमीटर में फैले शिवहर जिले की कुल जनसंख्या 6.56 लाख से अधिक है, जिसमें पुरुषों की संख्या लगभग 3.46 लाख और महिलाओं की संख्या 3.09 लाख है।

शिवहर में एक प्रसिद्ध बाबा भुवनेश्वर नाथ मंदिर है। कहा जाता है कि यह अति प्राचीन मंदिर द्वापर काल में बना था, जिससे इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बढ़ जाता है। खास बात यह है कि इस मंदिर का निर्माण एक ही पत्थर को तराशकर किया गया है।

1956 में प्रकाशित अंग्रेजी गजट में नेपाल के पशुपतिनाथ और भारत के हरिहर क्षेत्र के बीच इस मंदिर के होने की बात कही गई थी। कोलकाता हाईकोर्ट के एक फैसले में भी इस मंदिर को अति प्राचीन बताया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, ईस्ट इंडिया कंपनी की चौकीदारी रसीद पर भी मंदिर का उल्लेख मिलता था। मंदिर के पश्चिम भाग में एक तालाब है, जिसकी खुदाई 1962 में छतौनी गांव के निवासी संत प्रेम भिक्षु द्वारा कराई गई थी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए शिवहर में मतदाताओं की कुल संख्या 3.14 लाख से अधिक है। 2020 के विधानसभा चुनाव में शिवहर की जनता ने चेतन आनंद को अपना प्रतिनिधि चुना। 36,686 वोटों से चेतन आनंद की जीत हुई, जिन्होंने जेडीयू के उम्मीदवार मोहम्मद सरफुद्दीन को हराया था, जो 2015 में विधायक बने थे।

शिवहर की जनता की खासियत यह है कि उसने समय-समय पर बदलाव करते हुए राजद और जेडीयू के प्रत्याशियों को मौका दिया है। 2010 के चुनाव में जेडीयू को सीट मिली थी, जबकि 2005 में यहां से राजद का विधायक चुना गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि यहां की जनता बदलाव को प्राथमिकता देती है। हर चुनाव में प्रतिनिधि का परिवर्तन दर्शाता है कि मतदाता अपनी आवाज को महत्व देते हैं। यह राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत है कि कैसे स्थानीय मुद्दे और जनभावनाएं चुनाव परिणामों को प्रभावित करती हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवहर विधानसभा सीट का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
शिवहर विधानसभा सीट का ऐतिहासिक महत्व इस बात से है कि यहां का बाबा भुवनेश्वर नाथ मंदिर अति प्राचीन है, जिसका निर्माण द्वापर काल में हुआ था।
2020 में शिवहर में किसने जीत हासिल की थी?
2020 के विधानसभा चुनाव में चेतन आनंद ने 36,686 वोटों से जीत हासिल की थी।
शिवहर की जनसंख्या कितनी है?
शिवहर की कुल जनसंख्या 6.56 लाख से अधिक है।
शिवहर में कितने ब्लॉक हैं?
शिवहर में कुल 5 ब्लॉक हैं: शिवहर , पिपरारी, पुरनहिया, डुमरी कटसारी और तरियानी।
शिवहर जिले की स्थापना कब हुई थी?
शिवहर जिले की स्थापना 6 अक्टूबर 1994 को हुई थी जब इसे सीतामढ़ी जिले से अलग किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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