क्या एसआईआर के माध्यम से वोट से ज्यादा नागरिकता के मामलों में छेड़छाड़ की जा रही है?
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा पर वोटिंग प्रक्रिया में धांधली के आरोप।
- एसआईआर का उपयोग नागरिकता मामलों में छेड़छाड़ के लिए।
- राजनीतिक टकराव में निष्पक्षता की आवश्यकता।
- सरकार की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था को बनाए रखना।
- भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल।
लखनऊ, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता सुमैया राणा ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा के नेता अक्सर 'वोट जिहाद' जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं, लेकिन असल में सत्ता में आने के लिए भाजपा धांधली का सहारा लेती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से वोटिंग से ज्यादा नागरिकता के मामलों में छेड़छाड़ की जा रही है।
सपा प्रवक्ता सुमैया राणा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि बिहार चुनाव से पहले एसआईआर का काम प्रारंभ हुआ था। उसी समय हरियाणा में यह पाया गया कि मतदाता सूची में एक विदेशी महिला भी शामिल थी। इसी तरह की खबरें अन्य राज्यों से भी आई हैं।
इसी बीच, सपा प्रवक्ता ने जेएनयू में हाल ही में हुई नारेबाजी को गलत ठहराया। हालांकि, भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "गलत नारे नहीं लगाने चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी नेता के खिलाफ नारे लगे तो वह राष्ट्र के खिलाफ हैं। राष्ट्र सभी के लिए सर्वोपरि है और इसे ऐसे नहीं देखा जाना चाहिए कि कोई एक व्यक्ति राष्ट्र बनकर प्रस्तुत किया जाए।"
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में पथराव की घटना पर एसटी हसन का बचाव करते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा, "सरकार एक वर्ग पर बर्बरता करने का कार्य कर रही है। यह सच है कि आधे से ज्यादा मामले अफवाहों के कारण उलझते हैं। अफवाहों के चलते ही ऐसी घटनाएं होती हैं। लेकिन सवाल यह है कि अफवाहों के माध्यम से एक ही वर्ग के लोगों को क्यों आक्रोशित किया जाता है?"
प्रवक्ता सुमैया राणा ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि इस तरह की घटनाएं न हों।
तुर्कमान गेट मामले में सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम आने पर उन्होंने कहा, "सरकार अपनी नाकामियों को विपक्ष पर डालना चाहती है। यह भाजपा का पुराना तरीका है। सरकार किसी न किसी तरीके से विपक्ष को घेरने की कोशिश करेगी। लेकिन जांच ईमानदारी से होनी चाहिए और सारी चीजें निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।"