क्या पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बनेगी? भाजपा की साजिशों का होगा पर्दाफाश : फिरहाद हकीम

सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी की सरकार की संभावनाएं मजबूत हैं।
- ममता बनर्जी का नेतृत्व प्रभावशाली है।
- संविधान संशोधन विधेयक विवादित है।
- भाजपा की साजिशों का पर्दाफाश होगा।
- बांग्लादेश अधिकारी की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए गए हैं।
कोलकाता, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भविष्य के प्रधानमंत्री के रूप में देखने की इच्छा व्यक्त की है। उनके इस वक्तव्य पर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
इस पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने स्पष्ट कहा कि हम इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं और इस विषय पर गठबंधन के नेता ही बोलेंगे।
फिरहाद हकीम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपराजेय बताया। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी हैं और आने वाले समय में भी ममता बनर्जी ही रहेंगी। भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, वह यहां कुछ नहीं कर पाएगी। भाजपा जितनी डाल-डाल खेलेगी, ममता उतनी ही पात-पात पर मजबूत रहेंगी।”
फिरहाद हकीम ने संविधान संशोधन विधेयक पर भी अपनी राय दी। उन्होंने इसे “फेक बिल” करार देते हुए कहा कि टीएमसी ने संसद में इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। तृणमूल कांग्रेस 30 दिनों से अधिक समय तक हिरासत में रहने वाले मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने वाले विधेयक की जांच के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में शामिल नहीं होगी। हमारी पार्टी इस समिति में किसी भी सदस्य को नामित नहीं करेगी। यह बिल अवैध है और इसे विपक्षी दलों का समर्थन नहीं मिलेगा।
इसके अलावा, बांग्लादेश के एक अफसर की सीमा पर बीएसएफ द्वारा गिरफ्तारी के मुद्दे पर भी फिरहाद हाकिम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा, “अमित शाह बीएसएफ को भेजकर गिरफ्तारी करवा रहे हैं, लेकिन सीमा की सुरक्षा में वह पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।”