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क्या यूपी के 'विजन डॉक्यूमेंट' में प्रदेश के 403 विधायकों के सुझाव शामिल किए जाएंगे? : आराधना मिश्रा

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क्या यूपी के 'विजन डॉक्यूमेंट' में प्रदेश के 403 विधायकों के सुझाव शामिल किए जाएंगे? : आराधना मिश्रा

सारांश

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने विधानसभा में क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की कमी पर चिंता जताई है। उन्होंने 'विजन डॉक्यूमेंट' में 403 विधायकों के सुझावों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया है। क्या सरकार इस पर ध्यान देगी?

मुख्य बातें

विधानसभा में चर्चा की कमी विजन डॉक्यूमेंट का महत्व बाढ़ राहत पैकेज की मांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्व सर्वदलीय सहयोग की आवश्यकता

लखनऊ, 10 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने विधानसभा में क्षेत्रीय और प्रांतीय मुद्दों पर चर्चा की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाने के लिए चुने जाते हैं, लेकिन इस सत्र में चर्चा के लिए अपर्याप्त समय दिया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि बहुमत की सरकार को चर्चा से डर क्यों लगता है? विधानसभा में हम सब चुनकर इसलिए आते हैं कि सदन में अपने क्षेत्र की बातों को रख सकें। हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन मुद्दों को उठाएं। मैं समझ नहीं पाती कि बहुमत की सरकार होने के बावजूद चर्चा से क्यों डरती है।

उन्होंने ‘विजन डॉक्यूमेंट’ की सराहना करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके लिए सभी 403 विधायकों के सुझावों को शामिल करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, "विजन डॉक्यूमेंट का उद्देश्य सभी के विचारों को शामिल करना है, लेकिन 24 घंटे में 403 सदस्यों के सुझाव लेना मानवीय रूप से संभव नहीं है।"

उन्होंने ‘विजन डॉक्यूमेंट’ पर व्यापक चर्चा के लिए सत्र की अवधि बढ़ाने का सुझाव दिया। 15-16 अगस्त की छुट्टियों के बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, ताकि सभी विधायकों को अपनी बात रखने का अवसर मिले। 25 करोड़ की जनसंख्या का प्रतिनिधित्व तभी संभव है, जब सभी विधायकों के सुझाव इस दस्तावेज में हों।

आराधना मिश्रा ने प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल, मध्यांचल और पश्चिमांचल में बाढ़ ने गंभीर तबाही मचाई है। किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, इसके साथ ही जान-माल की भी हानि हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज की मांग के लिए सदन में प्रस्ताव लाने की बात कही। यह पैकेज बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए क्षति की भरपाई में महत्वपूर्ण होगा। सदन में सभी मुद्दों पर खुली और विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि जनता की समस्याओं का समाधान हो सके। सरकार को बाढ़ राहत और ‘विजन डॉक्यूमेंट’ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

इसके अलावा, आराधना मिश्रा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की साक्षरता और इसके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की परिकल्पना बिना एआई के अधूरी है। विधानसभा अध्यक्ष ने आईआईटी कानपुर के प्रोफेसरों को बुलाकर दो घंटे की कार्यशाला आयोजित की, जिसका लाभ प्रदेश को मिलेगा।

वहीं, सर्वदलीय बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 18वीं उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदस्य सकारात्मक सोच के साथ भाग ले रहे हैं। विधायकों की चर्चा और रुचि राज्य के विकास एवं कल्याण के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है। हमने सभी पार्टियों से सदन के संचालन में सहयोग की अपील की है। उम्मीद है कि हमें सदन में सभी दलों का सहयोग मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे लोकतंत्र की मजबूती बढ़ेगी। इसे एक जिम्मेदारी के रूप में लिया जाना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आराधना मिश्रा ने किस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की?
आराधना मिश्रा ने विधानसभा में क्षेत्रीय और प्रांतीय मुद्दों पर चर्चा की कमी पर चिंता जताई।
क्‍या 'विजन डॉक्यूमेंट' में विधायकों के सुझाव शामिल किए जाएंगे?
आराधना मिश्रा ने सभी 403 विधायकों के सुझावों को 'विजन डॉक्यूमेंट' में शामिल करने की आवश्यकता बताई है।
बाढ़ की स्थिति पर विधायक ने क्या कहा?
उन्होंने प्रदेश में बाढ़ से हुई तबाही और किसानों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की।
राष्ट्र प्रेस
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