फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले का मामला संसद में गरमाया, खड़गे ने उठाए गंभीर सवाल, जेपी नड्डा का बयान

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फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले का मामला संसद में गरमाया, खड़गे ने उठाए गंभीर सवाल, जेपी नड्डा का बयान

सारांश

फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले का मामला संसद में चर्चा का विषय बना। खड़गे ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा खतरे में है। इस पर जेपी नड्डा ने सरकार का बचाव किया। क्या यह सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है?

Key Takeaways

  • फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला हुआ है।
  • कांग्रेस ने सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
  • केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जांच का आश्वासन दिया है।
  • जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
  • राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला जारी है।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले का विषय संसद में उठाया गया है। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा को गंभीर खतरा है और इसका मुख्य कारण जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना है। इस संदर्भ में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सदन में अपनी प्रतिक्रिया दी।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा, "फारूक अब्दुल्ला पर हमला हुआ है। उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा पहले था, लेकिन अब वहां की पुलिस और सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री के पास होने से स्थिति बिगड़ गई है। यहाँ कानून व्यवस्था समाप्त हो रही है और प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अगर उनके सुरक्षाकर्मियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की होती, तो उनका जीवन खतरे में पड़ सकता था।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, "मैं जानना चाहता हूँ कि क्या सरकार का इरादा फारूक अब्दुल्ला को मारने का है। यदि उन्हें सुरक्षित रखना था, तो पूर्ण सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए।"

उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के बाद ही वहाँ के लोग सुरक्षित रह सकते हैं। केंद्र सरकार के हाथों में कश्मीर के निवासी सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि सरकार का एक गुप्त इरादा है कि जो लोग धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और देश को एक करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें समाप्त किया जाए।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने फारूक अब्दुल्ला पर हमले के संदर्भ में कहा, "बुधवार रात को फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला हुआ। यह एक गंभीर और चिंताजनक घटना है। भारत सरकार इस घटना को लेकर गंभीर है। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और आरोपी के इरादों के बारे में गहराई से जानकारी प्राप्त की जाएगी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा ताकि फारूक अब्दुल्ला की जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।"

इस बीच, जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों को लेकर कांग्रेस की निंदा करते हुए कहा, "हर घटना को राजनीतिक चश्मे से देखना और उसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। पूर्व में राज्य का दर्जा न मिलने के कारण यह घटना हुई, इस निष्कर्ष पर पहुँचना और सरकार पर गंभीर आरोप लगाना निंदनीय है।"

जेपी नड्डा ने अपने उत्तर में यह भी कहा, "विपक्ष के नेता का यह कहना कि सरकार का इरादा फारूक की जान लेना है, इस पर मेरा कहना है कि यह कांग्रेस की सोच का परिणाम है। हमेशा से कांग्रेस के इरादे इसी तरह के रहे हैं।"

Point of View

बल्कि राजनीतिक विमर्श को भी प्रभावित करती है। फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद खड़गे के आरोप और नड्डा का जवाब दर्शाते हैं कि राजनीतिक असहमति और सुरक्षा के मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

फारूक अब्दुल्ला पर हमला कब हुआ?
फारूक अब्दुल्ला पर हमला 12 मार्च को हुआ था।
कांग्रेस ने इस हमले पर क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा खतरे में है।
सरकार ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस मामले को गंभीर बताया और पूरी जांच का आश्वासन दिया।
क्या जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए?
कांग्रेस का मानना है कि पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से सुरक्षा बढ़ेगी।
इस हमले के पीछे का क्या कारण है?
कांग्रेस का आरोप है कि सुरक्षा में कमी और राजनीतिक कारणों से यह हमला हुआ।
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