फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा, शरद पवार ने कहा, 'ये घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर'
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नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला एक गंभीर हमले से बाल-बाल बच गए हैं। बुधवार की रात एक व्यक्ति ने उनकी सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए उनके निकट आकर गोली चलाई। सौभाग्य से, इस हमले में उन्हें कोई चोट नहीं आई। इस घटना पर देश के कई प्रमुख नेताओं ने गहरी चिंता व्यक्त की है और इसकी जांच की मांग की है।
एनसीपी-एसपी के नेता शरद पवार ने फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले पर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर शादी समारोह में हुई फायरिंग अत्यंत चिंताजनक है। यह राहत की बात है कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, ऐसी घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर और खतरनाक हो सकती हैं। मुझे खुशी है कि सभी बड़े नेता सुरक्षित हैं। उनकी अच्छी सेहत और सुरक्षा की कामना करता हूँ।"
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले की खबर सुनकर मैं चिंतित हूं। पुलिस की मौजूदगी और कड़ी सुरक्षा के बीच ऐसा हमला होना बहुत गंभीर है। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और अब्दुल्ला की सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है।"
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, "यह जानकर राहत मिली कि फारूक अब्दुल्ला दुर्भाग्यपूर्ण गोलीबारी के बाद सुरक्षित हैं। इस हिंसक कृत्य की कड़ी निंदा होनी चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।"
एनसीपी-एसपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि इस जानलेवा हमले की खबर सुनकर चिंता हुई। भगवान का शुक्र है कि वह सुरक्षित हैं। इस गंभीर सुरक्षा चूक की पूरी जांच की जानी चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।"
टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने लिखा, "फारूक अब्दुल्ला को शादी में हुई गोलीबारी की घटना में सुरक्षित देखकर राहत मिली।"
शिवसेना-यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर जानलेवा हमले की कोशिश का सीसीटीवी फुटेज चिंताजनक है। उनके पास जेड कैटेगरी की सुरक्षा है, फिर भी कोई उनके इतने करीब आ सकता है। यह एक गंभीर सुरक्षा चूक है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।"
सपा नेता राम गोपाल यादव ने फारूक अब्दुल्ला पर हमले को दुखद बताया, "फारूक अब्दुल्ला एक नेक व्यक्ति हैं। उन्होंने कभी ऐसा बयान नहीं दिया जिससे किसी को नाराजगी हो। इसके बावजूद उन पर फायरिंग करना यह दर्शाता है कि सरकार की दावे कि उग्रपंथी लोगों पर रोक लग गई है, वास्तव में सच नहीं है। कश्मीर की स्थिति ठीक नहीं है।"