पंजाब में 1 मई से नहर का पानी: भगवंत मान ने किसानों को दी बड़ी राहत, 21,000 क्यूसेक होगा जल प्रवाह
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 1 मई 2026 से पंजाब में सिंचाई हेतु नहर का पानी उपलब्ध कराने की घोषणा की।
- राज्य भर में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जिससे धान उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।
- सिंचाई अवसंरचना पर ₹6,700 करोड़ का निवेश; 14,000 किमी पाइपलाइन नेटवर्क और 7,000 नवनिर्मित जलमार्ग सक्रिय।
- मालवा क्षेत्र में कपास, मक्का, बागवानी और चारे की फसलों को भी पानी मिलेगा।
- भूजल स्तर में 2 से 4 मीटर की वृद्धि दर्ज; पिछले एक वर्ष में 21 लाख घन मीटर जल का पुनर्भरण।
- बुवाई सुगम बनाने के लिए चार क्षेत्रों में 8 घंटे की निर्बाध बिजली आपूर्ति लागू।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि धान की बुवाई सीजन से पहले राज्य के किसानों को सिंचाई के लिए नहर का पानी 1 मई 2026 से उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के तहत पंजाब भर में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जिससे लाखों धान उत्पादकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
योजना का विस्तार और बुनियादी ढाँचा
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि राज्य सरकार ने सिंचाई अवसंरचना पर अब तक ₹6,700 करोड़ का निवेश किया है। इसके अंतर्गत 14,000 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया है और 7,000 नवनिर्मित जलमार्गों एवं नहरों को सक्रिय किया गया है। इस विशाल नेटवर्क के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नहर का पानी हर खेत तक पहुँचे।
बुवाई प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सरकार ने चार क्षेत्रों में आठ घंटे की निर्बाध बिजली आपूर्ति अनुसूची भी लागू की है, ताकि किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।
किन फसलों और क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
इस जल आपूर्ति योजना का लाभ केवल धान तक सीमित नहीं है। मालवा क्षेत्र में कपास, बागवानी, मक्का और चारे की फसलों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब मालवा के किसान भूजल की गिरती सतह और ट्यूबवेल पर बढ़ती निर्भरता से जूझ रहे हैं।
भूजल संरक्षण पर असर
मुख्यमंत्री मान ने भूजल पुनर्भरण को इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक लाभ बताया। उन्होंने कहा कि नहरों और नदियों में पुनर्भरण बिंदु बनाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप जल स्तर में दो से चार मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में सरकार के प्रयासों से 21 लाख घन मीटर जल का पुनर्भरण हुआ है।
गौरतलब है कि पंजाब देश के उन राज्यों में शामिल है जहाँ अत्यधिक ट्यूबवेल उपयोग के कारण भूजल स्तर तेज़ी से गिर रहा है। ऐसे में नहर जल पर निर्भरता बढ़ाने की यह नीति दीर्घकालिक कृषि स्थिरता की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री का संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मान ने लिखा,