2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या वामपंथी दलों के नेतृत्व में धर्मनिरपेक्ष मोर्चा जरूरी है: विकास रंजन भट्टाचार्य?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या वामपंथी दलों के नेतृत्व में धर्मनिरपेक्ष मोर्चा जरूरी है: विकास रंजन भट्टाचार्य?

सारांश

सीपीआई(एम) सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने मोहन भागवत और अरविंद केजरीवाल के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वामपंथी दलों के एकजुट होने की आवश्यकता पर बल दिया है। क्या यह धर्मनिरपेक्ष मोर्चा बनाना जरूरी है? जानिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

वामपंथी दलों का एकजुट होना आवश्यक है।
धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाना चाहिए।
सांप्रदायिकता के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा तैयार करना जरूरी है।
समाज में नफरत और विभाजन फैलाने वालों का मुकाबला करना होगा।

कोलकाता, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सीपीआई(एम) सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

भट्टाचार्य ने केजरीवाल के बयान को व्यक्तिगत टिप्पणी करार देते हुए कहा कि उन्हें इस पर कोई रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सचमुच भाजपा और आरएसएस का विरोधी है, तो उसे वामपंथी दलों के नेतृत्व में एकजुट होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा, "वामपंथी, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष दलों का संयुक्त मोर्चा आज की आवश्यकता है। अगर कोई धर्मनिरपेक्ष दलों को भाजपा के समान लाने की कोशिश करता है, तो वह अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को मजबूत करेगा।"

मोहन भागवत के हिंदू संबंधी बयान पर भट्टाचार्य ने कहा, "क्या मोहन भागवत आरएसएस के चार्टर को भूल गए हैं? यह चार्टर सांप्रदायिक है और यह संगठन कम्युनिस्ट और मुस्लिम विरोधी रहा है। अब जनता के दबाव की वजह से वे लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।"

भट्टाचार्य ने आरएसएस को सांप्रदायिक संगठन करार देते हुए कहा कि उनकी सभी अभिव्यक्तियाँ और विचार इसी भावना पर आधारित हैं।

मोहन भागवत के 'डीएनए' वाले बयान पर भट्टाचार्य ने व्यंग्य करते हुए कहा, "अगर डीएनए एक समान है, तो आप मुस्लिम विरोधी क्यों हैं? इससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें डीएनए की वैज्ञानिक अवधारणा की जानकारी नहीं है।"

भागवत की उस टिप्पणी पर कि आरएसएस सरकार में सब कुछ तय नहीं करता, भट्टाचार्य ने व्यंग्यात्मक तरीके से कहा, "वे अति आत्मविश्वास से ग्रस्त हैं। यह आरएसएस की मानसिक समस्या है।"

भट्टाचार्य ने बताया कि देश में सांप्रदायिकता और विभाजनकारी ताकतों का सामना करने के लिए वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष दलों का मजबूत गठबंधन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल एकजुट होकर ही ऐसी ताकतों को रोका जा सकता है जो समाज में नफरत और विभाजन फैलाने का काम करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में सौहार्द और बंधुत्व बनाए रखने के लिए भी अनिवार्य है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकास रंजन भट्टाचार्य कौन हैं?
विकास रंजन भट्टाचार्य सीपीआई(एम) के सांसद हैं और वे भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं।
मोहन भागवत के बयान का क्या प्रभाव है?
मोहन भागवत का बयान समाज में सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।
धर्मनिरपेक्ष मोर्चा क्यों जरूरी है?
धर्मनिरपेक्ष मोर्चा सांप्रदायिक ताकतों का मुकाबला करने के लिए आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले