क्या 'वोटर अधिकार यात्रा' का परिणाम 'भारत जोड़ो यात्रा' जैसा होगा?: प्रमोद कृष्णम

Click to start listening
क्या 'वोटर अधिकार यात्रा' का परिणाम 'भारत जोड़ो यात्रा' जैसा होगा?: प्रमोद कृष्णम

सारांश

गाजियाबाद से आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 'वोटर अधिकार यात्रा' को लेकर तीखी टिप्पणी की। उनका कहना है कि इस यात्रा में आत्मा की कमी है। क्या यह यात्रा 'भारत जोड़ो यात्रा' के समान परिणाम देगी? जानिए इस विशेष चर्चा में।

Key Takeaways

  • वोटर अधिकार यात्रा में आत्मा की कमी है।
  • यह यात्रा केवल भीड़ जुटाने के लिए है।
  • आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यात्रा की तुलना 'भारत जोड़ो यात्रा' से की।
  • प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अनर्गल बयानों की आलोचना।
  • विपक्ष की राजनीतिक रणनीतियों पर सवाल उठाए गए।

गाजियाबाद, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही 'वोटर अधिकार यात्रा' पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में भाव, जज्बा और प्रभाव की कमी है, यानि यह यात्रा आत्मा से वंचित है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि 'वोटर अधिकार यात्रा' राहुल गांधी के मार्गदर्शन में निकाली जा रही है। यह यात्रा बिहार में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए आरंभ की गई है। वास्तविकता यह है कि इस यात्रा में कोई आत्मा नहीं है। यात्रा केवल पैदल चलना, कार से चलना या किसी अन्य वाहन से चलना नहीं है। यात्रा का भाव, जज्बा और प्रभाव होना आवश्यक है, जो कि इस यात्रा में अनुपस्थित है। यह यात्रा केवल भीड़ जुटाने के लिए की जा रही है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जयप्रकाश नारायण, चंद्रशेखर, स्वामी विवेकानंद, विनोबा भावे, महात्मा गांधी जैसी महान आत्माओं की यात्राओं का आम जन पर सीधा प्रभाव रहता था, लेकिन बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' में आत्मा की कमी है, यह केवल एक शरीर है।

उन्होंने बताया कि इस यात्रा का परिणाम 'भारत जोड़ो यात्रा' के जैसा ही होगा। 'भारत जोड़ो यात्रा' में भारत को तोड़ने वालों को लेकर चलाया गया था, वही स्थिति बिहार की यात्रा की भी होगी।

कृष्णम ने विपक्ष के प्रधानमंत्री के नाम को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री के पद की वैकेंसी 2029 तक खाली नहीं है। इस पद पर प्रधानमंत्री मोदी विराजमान हैं। राहुल गांधी के साथ चलने वाले वामपंथी हैं और वे राहुल को 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने' दिखाते रहते हैं। पीएम मोदी के खिलाफ कुछ भी कहना राजनीति नहीं है। विपक्ष पीएम मोदी को लेकर अनर्गल बयान देता रहता है। यह गलती उन्होंने 2014, 2019 और 2024 में की थी। जनता सब जानती है।

उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग 'चोर' है तो सबसे पहले विपक्ष के लोग लोकसभा से इस्तीफा दें, क्योंकि आप लोग इसी आयोग द्वारा जारी किए गए सर्टिफिकेट से लोकसभा जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आयोग 'चोर' है तो फिर राहुल गांधी की सीट वायनाड और रायबरेली से कैसे आ गई। विपक्ष को खुद नहीं पता कि वे करना क्या चाहते हैं।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि राजनीतिक यात्राएँ आम जनता के हित के लिए हों, न की केवल भीड़ जुटाने के लिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

क्या 'वोटर अधिकार यात्रा' का असली उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य चुनावों के मद्देनजर जन जागरूकता बढ़ाना है, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस यात्रा को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इस यात्रा में आत्मा की कमी है और यह केवल भीड़ जुटाने के लिए है।
क्या इस यात्रा का परिणाम 'भारत जोड़ो यात्रा' के समान होगा?
आचार्य प्रमोद कृष्णम का मानना है कि इसका परिणाम भी 'भारत जोड़ो यात्रा' के जैसा ही होगा।