15 अक्टूबर 2026
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लद्दाख को ₹3,350 करोड़ की विकास सौगात, PM मोदी ने किया 5 परियोजनाओं का उद्घाटन

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लद्दाख को ₹3,350 करोड़ की विकास सौगात, PM मोदी ने किया 5 परियोजनाओं का उद्घाटन

सारांश

₹3,350 करोड़ से अधिक की पाँच परियोजनाओं के साथ लद्दाख को एक साथ कनेक्टिविटी, ऊर्जा और शिक्षा का तोहफा मिला। देश का पहला जियोथर्मल एयरपोर्ट टर्मिनल और 12 घंटे के सफर को 3 घंटे में समेटने वाली सड़क — मोदी सरकार के लद्दाख केंद्रित विकास एजेंडे की नई इबारत।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए लद्दाख में ₹3,350 करोड़ से अधिक की 5 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे का नया टर्मिनल ₹650 करोड़ की लागत से बना — देश का पहला जियोथर्मल हीटिंग सुविधा वाला एयरपोर्ट; यात्री क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख होगी।
BRO निर्मित निम्मू पदुम दारचा सड़क की लागत ₹2,500 करोड़ ; यात्रा समय 12 घंटे से घटकर लगभग 3 घंटे होगा।
सानोक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन; श्रीनगर लेह पावर कॉरिडोर को मज़बूती।
लेह में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और IIT जम्मू , IIM जम्मू के सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने के प्रस्ताव आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए लद्दाख में ₹3,350 करोड़ से अधिक की पाँच प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया, जिनमें देश का पहला जियोथर्मल एयरपोर्ट टर्मिनल और एक रणनीतिक सड़क परियोजना शामिल हैं। मोदी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार का विशेष ध्यान लद्दाख की नई पीढ़ी पर है और इस क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्य परियोजनाएँ और उनका महत्त्व

सबसे उल्लेखनीय उद्घाटन लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे के नए पैसेंजर टर्मिनल भवन का रहा, जिसे लगभग ₹650 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। पीएम मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा, "भारत में जियोथर्मल हीटिंग की सुविधा वाला यह देश का पहला एयरपोर्ट टर्मिनल है।" लद्दाख की कठोर जलवायु को ध्यान में रखकर इसमें जियोथर्मल टेक्नोलॉजी के साथ साथ सोलर एनर्जी का भी उपयोग किया गया है।

इस नए टर्मिनल से हवाई अड्डे की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख हो जाएगी और उड़ानों की संख्या में भी तीन गुना तक वृद्धि संभव है। मोदी ने कहा कि इससे लद्दाख के पर्यटन क्षेत्र को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

निम्मू पदुम दारचा सड़क: 12 घंटे से 3 घंटे का सफर

उद्घाटन की गई परियोजनाओं में निम्मू पदुम दारचा सड़क भी शामिल है, जिसे सीमा सड़क संगठन (BRO) ने लगभग ₹2,500 करोड़ की लागत से निर्मित किया है। पीएम मोदी ने बताया, "पहले जिस सफर में करीब 12 घंटे लगते थे, वो अब लगभग 3 घंटे में पूरा हो सकेगा।" यह सड़क न केवल यात्रा का समय घटाएगी बल्कि व्यापार और कारोबार को भी गति देगी। गौरतलब है कि यह मार्ग सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह लद्दाख के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ता है।

ऊर्जा और जल क्षेत्र में निवेश

इसके अतिरिक्त, सानोक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और उससे संबद्ध ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन किया गया। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि इससे पहले उन्हें श्रीनगर और लेह को जोड़ने वाली पावर ट्रांसमिशन लाइन की आधारशिला रखने का अवसर भी मिला था। ये परियोजनाएँ लद्दाख में बिजली आपूर्ति को स्थिर और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम हैं। यह ऐसे समय में आया है जब लद्दाख में ऊर्जा की माँग पर्यटन और जनसंख्या वृद्धि के साथ तेज़ी से बढ़ रही है।

नई पीढ़ी पर सरकार का विशेष ध्यान

मोदी ने शिक्षा और युवा विकास पर विशेष बल देते हुए कहा कि लेह में एक बड़ा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, IIT जम्मू और IIM जम्मू के सैटेलाइट कैंपस लद्दाख में स्थापित करने के प्रस्तावों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे उच्च शिक्षा, शोध और नई कौशल विकास के अवसर लद्दाख के युवाओं को उनके अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगे।

खेल के क्षेत्र में भी पीएम ने लद्दाख की नई स्पोर्ट्स पॉलिसी का उल्लेख किया और कहा कि आइस हॉकी, विंटर स्पोर्ट्स और पर्वतारोहण जैसे क्षेत्रों में लद्दाख के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएँ दी जाएंगी, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई उपलब्धियाँ हासिल कर सकें।

आगे की राह

मोदी ने इन परियोजनाओं के लिए लद्दाख के सभी नागरिकों, इंजीनियरों, श्रमिकों और BRO के कर्मियों को विशेष बधाई दी। इस श्रृंखला की परियोजनाएँ 2019 में लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने के बाद से चल रहे एक व्यापक विकास कार्यक्रम का हिस्सा हैं। अब देखना यह होगा कि ये परियोजनाएँ स्थानीय रोज़गार, पर्यटन राजस्व और रणनीतिक तैयारी में किस हद तक मापनीय बदलाव ला पाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

350 करोड़ की यह घोषणा 2019 में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद से इस क्षेत्र में बढ़ते केंद्रीय निवेश की निरंतरता है, लेकिन असली कसौटी यह है कि ये परियोजनाएँ स्थानीय रोज़गार और जनजीवन में कितना मापनीय बदलाव लाती हैं। जियोथर्मल एयरपोर्ट टर्मिनल और IIT IIM सैटेलाइट कैंपस जैसे प्रस्ताव महत्त्वाकांक्षी हैं, किंतु लद्दाख की कम आबादी और कठिन भूगोल को देखते हुए इन संस्थाओं की वास्तविक पहुँच और उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। BRO की निम्मू पदुम दारचा सड़क सामरिक दृष्टि से भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है जितनी नागरिक विकास के लिए — यह सीमावर्ती इलाकों में त्वरित पहुँच सुनिश्चित करती है। बिना पारदर्शी क्रियान्वयन समयसीमा और स्वतंत्र मूल्यांकन के, ये परियोजनाएँ भव्य उद्घाटन से आगे जाकर ज़मीनी बदलाव की गारंटी नहीं बनतीं।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने लद्दाख में कौन सी 5 परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
15 अक्टूबर 2026 को PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए लद्दाख में कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे का नया पैसेंजर टर्मिनल, निम्मू पदुम दारचा सड़क, सानोक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन और श्रीनगर लेह पावर कॉरिडोर से संबंधित बुनियादी ढाँचे का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹3,350 करोड़ से अधिक है।
लेह एयरपोर्ट का नया टर्मिनल क्यों खास है?
कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे का नया टर्मिनल ₹650 करोड़ की लागत से बना है और यह भारत का पहला एयरपोर्ट टर्मिनल है जिसमें जियोथर्मल हीटिंग की सुविधा है। इसमें सोलर एनर्जी का भी उपयोग किया गया है और इससे यात्री क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख सालाना हो जाएगी।
निम्मू पदुम दारचा सड़क से लद्दाख को क्या फायदा होगा?
BRO द्वारा ₹2,500 करोड़ की लागत से बनाई गई इस सड़क से यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर लगभग 3 घंटे हो जाएगा। यह सड़क लद्दाख के दूरस्थ इलाकों को जोड़ती है और व्यापार, कारोबार तथा रणनीतिक सैन्य आवाजाही को भी गति देगी।
लद्दाख के युवाओं के लिए सरकार की क्या योजनाएँ हैं?
सरकार लेह में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर रही है और IIT जम्मू तथा IIM जम्मू के सैटेलाइट कैंपस लद्दाख में खोलने के प्रस्ताव आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा एक नई स्पोर्ट्स पॉलिसी के तहत आइस हॉकी, विंटर स्पोर्ट्स और पर्वतारोहण में प्रशिक्षण सुविधाएँ भी बढ़ाई जाएंगी।
लद्दाख में ऊर्जा क्षेत्र के लिए क्या किया गया?
सानोक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन किया गया, जो लद्दाख में विद्युत आपूर्ति को और स्थिर बनाएगी। इसके अतिरिक्त श्रीनगर और लेह को जोड़ने वाली पावर ट्रांसमिशन लाइन पहले ही स्थापित की जा चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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