PM मोदी ने लॉन्च किया 'विकसित उड़ान', ₹29,000 करोड़ की योजना से 100 नए एयरफील्ड और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को उड़ान योजना के नए और विस्तारित चरण 'विकसित उड़ान' का शुभारंभ किया तथा जोधपुर एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। सरकार के अनुसार, इन दोनों पहलों का उद्देश्य देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ करना और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में विमानन अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाना है।
विकसित उड़ान योजना: क्या है नई पहल
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत अगले 10 वर्षों में करीब ₹29,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत देशभर में अनुपयोगी हवाई पट्टियों को विकसित कर 100 नए एयरफील्ड तैयार किए जाएंगे, जिस पर ₹12,159 करोड़ व्यय होंगे।
इसके अलावा क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए ₹2,577 करोड़, 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने के लिए ₹3,661 करोड़ तथा क्षेत्रीय एयरलाइनों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाए रखने के लिए ₹10,043 करोड़ की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) प्रदान की जाएगी।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में, योजना के तहत दूर-दराज और कम सेवा वाले क्षेत्रों में HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा।
उड़ान योजना की उपलब्धियाँ
अक्टूबर 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना — 'उड़े देश का आम नागरिक' — ने एक दशक में क्षेत्रीय विमानन का चेहरा बदला है। नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस योजना के तहत 669 रूट संचालित किए जा चुके हैं, 95 एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम को जोड़ा गया है और 1.66 करोड़ से अधिक यात्री लाभान्वित हो चुके हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत का विमानन बाज़ार वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में गिना जाता है, परंतु टियर-2 और टियर-3 शहरों में हवाई संपर्क अभी भी सीमित है।
जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल
₹480 करोड़ की लागत से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा निर्मित यह टर्मिनल लगभग 23,342 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है। यह एक साथ 1,500 यात्रियों को और सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है।
टर्मिनल में 20 चेक-इन काउंटर, अत्याधुनिक सुरक्षा जाँच प्रणाली, आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और 6 एयरोब्रिज शामिल हैं। नया एप्रन 11 A-321 विमानों और एक ATR-72 विमान की पार्किंग की सुविधा देता है, साथ ही परिसर में लगभग 320 कारों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी है।
टर्मिनल की वास्तुकला राजस्थानी परंपरा से प्रेरित है — झरोखे, पारंपरिक डिज़ाइन और मारवाड़ की स्थापत्य विरासत इसे एक सांस्कृतिक पहचान देती है, जो विदेशी पर्यटकों को राजस्थान का पहला अनुभव कराएगी।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि संशोधित उड़ान योजना भारत के विमानन क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा, 'वर्ष 2016 से उड़ान योजना ने प्रधानमंत्री के हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में सफर करे के विजन को जन-आंदोलन का रूप दिया है।'
नायडू ने यह भी कहा कि यह योजना अब केवल हवाई संपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, छात्रों, उद्यमियों, कारीगरों और व्यापारियों के लिए नए अवसरों का माध्यम बन गई है। उनके अनुसार, 'सबकी उड़ान, सबका विकास' के लक्ष्य के तहत 'विकसित उड़ान' अंतिम छोर तक हवाई संपर्क सुनिश्चित करेगी।
आगे क्या
अगले 10 वर्षों में ₹29,000 करोड़ के निवेश के साथ, 'विकसित उड़ान' योजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से होगा। स्वदेशी विमानन प्लेटफॉर्म के उपयोग और 100 नए एयरफील्ड के विकास से उन क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है जो अब तक हवाई नेटवर्क से वंचित थे। जोधपुर टर्मिनल राजस्थान के पर्यटन और व्यापार को नई रफ्तार देने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।