जोधपुर एयरपोर्ट नया टर्मिनल: नायडू बोले — पश्चिमी राजस्थान के विकास की नींव, यात्री क्षमता 11 लाख पार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापू ने 4 जुलाई को जोधपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के अवसर पर नए एयरपोर्ट टर्मिनल को पश्चिमी राजस्थान के समग्र विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह महज एक भवन नहीं, बल्कि जोधपुर की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, व्यापार और रोज़गार को नई दिशा देने वाली परियोजना है।
परियोजना की विशेषताएँ और सांस्कृतिक पहचान
नायडू ने बताया कि नए टर्मिनल की वास्तुकला में मारवाड़ की संस्कृति, विरासत और स्थापत्य कला की झलक को विशेष रूप से समाहित किया गया है। यहाँ आने वाले यात्रियों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रत्यक्ष अनुभव होगा। आर्किटेक्चर, टाइल्स और ग्लास जैसे हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट विज़न है कि जहाँ-जहाँ नागरिक उड्डयन का विस्तार होगा, वहाँ केवल यात्रियों को नहीं, बल्कि पूरे शहर की अर्थव्यवस्था, व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और हर वर्ग के नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा।
यात्री क्षमता में दस गुना उछाल
नायडू ने आँकड़ों के हवाले से बताया कि पिछले 10 वर्षों में जोधपुर एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 4 लाख से बढ़कर करीब 11 लाख हो गई है — यानी लगभग तीन गुना वृद्धि। यह आँकड़ा पश्चिमी राजस्थान में हवाई यातायात की बढ़ती माँग का स्पष्ट संकेत है।
सरकार का अगला लक्ष्य देश के अन्य प्रमुख शहरों से जोधपुर की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाना है, साथ ही भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की दिशा में भी प्रयास किए जाएँगे।
शेखावत के योगदान को सराहा
मंत्री ने इस परियोजना को समय पर पूरा कराने में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शेखावत ने निर्माण कार्य की लगातार समीक्षा की और हर छोटे-बड़े पहलू पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रखी। नायडू ने शेखावत और जोधपुर की जनता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
बेहतर हवाई संपर्क से जोधपुर के हस्तशिल्प, स्थानीय बाज़ार और पर्यटन क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में जोधपुर की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान और मज़बूत होगी। नायडू ने कहा कि मंत्रालय इस दिशा में निरंतर काम करता रहेगा।
उड़ान योजना के नए चरण का शुभारंभ
इसी अवसर पर उड़ान योजना के नए चरण का भी शुभारंभ किया गया। नायडू ने बताया कि पिछले दस वर्षों में उड़ान योजना ने देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं और आने वाले वर्षों में इसी सोच के साथ देशभर में हवाई सेवाओं का विस्तार जारी रहेगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब सरकार टियर-2 और टियर-3 शहरों को हवाई मानचित्र पर लाने की अपनी प्रतिबद्धता को और गति दे रही है।