जोधपुर एयरपोर्ट नए टर्मिनल से उड़ानें शुरू: इंडिगो की बेंगलुरु फ्लाइट बनी पहली, ₹480 करोड़ की सुविधा यात्रियों को समर्पित
सारांश
मुख्य बातें
जोधपुर एयरपोर्ट के ₹480 करोड़ की लागत से निर्मित नए अत्याधुनिक टर्मिनल भवन से 13 जुलाई 2025 को नियमित उड़ानों का संचालन विधिवत शुरू हो गया। इंडिगो की बेंगलुरु-जोधपुर-बेंगलुरु उड़ान (6ई-6032/6033) इस टर्मिनल से उड़ान भरने वाली पहली वाणिज्यिक सेवा बनी। पहली फ्लाइट सुबह 8:18 बजे जोधपुर पहुँची और सुबह 9:20 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना हुई।
उद्घाटन से संचालन तक का सफर
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को इस नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण इसे तत्काल यात्रियों के लिए नहीं खोला जा सका था। सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद 12 जुलाई से नियमित उड़ान संचालन प्रारंभ किया गया।
टर्मिनल की प्रमुख विशेषताएँ
लगभग 37 एकड़ क्षेत्र में फैला यह भवन 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में बना है और पुराने टर्मिनल की तुलना में करीब छह गुना बड़ा है। इसमें 20 चेक-इन काउंटर, 6 एरोब्रिज, आधुनिक सुरक्षा जाँच प्रणाली, उन्नत बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, विशाल प्रतीक्षालय और पर्याप्त पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। यह टर्मिनल प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है।
सांस्कृतिक स्वागत और सुरक्षा व्यवस्था
नए टर्मिनल के संचालन की शुरुआत पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यात्रियों का पुष्प भेंट कर स्वागत किया। एयरपोर्ट परिसर में कालबेलिया नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। सीआईएसएफ ने नए टर्मिनल पर सुरक्षित और सुचारू उड़ान संचालन के साथ यात्रियों को परेशानी-मुक्त यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार
वर्तमान में जोधपुर एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, पुणे, नोएडा (एनसीआर) और हैदराबाद सहित सात प्रमुख शहरों से हवाई संपर्क में है। नए टर्मिनल के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद चेन्नई, गोवा, इंदौर और कोलकाता जैसे शहरों के लिए भी उड़ान सेवाएँ शुरू होने की संभावना है।
पर्यटन और विकास पर असर
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह टर्मिनल जोधपुर के बुनियादी ढाँचे की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ मिलने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह विस्तार 'सनसिटी' के रूप में जोधपुर की पहचान को और मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।