जोधपुर एयरपोर्ट नए टर्मिनल का उद्घाटन: PM मोदी ने ₹480 करोड़ की परियोजना और ₹28,840 करोड़ की 'उड़ान' योजना लॉन्च की
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट पर ₹480 करोड़ की लागत से निर्मित नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसी अवसर पर उन्होंने संशोधित 'उड़ान योजना' भी लॉन्च की, जिसके तहत अगले 10 वर्षों में विमानन-आधारित विकास के लिए ₹28,840 करोड़ का आवंटन किया गया है। यह दोनों घोषणाएँ देश की क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के सरकार के व्यापक एजेंडे का हिस्सा हैं।
नए टर्मिनल की विशेषताएँ
नया टर्मिनल भवन 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है और प्रतिवर्ष 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। इसकी वास्तुकला राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित है — मेहराब और झरोखों जैसे पारंपरिक तत्वों को समकालीन डिज़ाइन के साथ एकीकृत किया गया है।
सतत विकास इस टर्मिनल की नींव है। ऊर्जा-कुशल प्रणालियाँ, जल संरक्षण उपाय और हरित भवन निर्माण पद्धतियाँ इसमें शामिल हैं। टर्मिनल को प्रतिष्ठित 5-स्टार GRIHA रेटिंग प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
उद्घाटन समारोह और उपस्थित नेता
प्रधानमंत्री मोदी के जोधपुर एयरपोर्ट पहुँचने पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें नए टर्मिनल की विशेषताओं से अवगत कराया। इसके पश्चात औपचारिक उद्घाटन संपन्न हुआ।
उड़ान योजना: क्या है नया ढाँचा
संशोधित उड़ान योजना के अंतर्गत कुल ₹28,840 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें देशभर की मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 नए हवाई अड्डों के विकास पर विशेष ज़ोर दिया गया है, जिसके लिए ₹12,000 करोड़ से अधिक का बजट निर्धारित है।
क्षेत्रीय हवाई अड्डों के प्रारंभिक वर्षों में व्यावसायिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने हेतु संचालन एवं रखरखाव (O&M) सहायता के लिए ₹2,500 करोड़ से अधिक अलग से रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क सुधारने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड के निर्माण का प्रस्ताव भी योजना में शामिल है।
क्षेत्रीय प्रभाव और आगे की राह
जोधपुर जैसे पर्यटन-समृद्ध शहर में उन्नत हवाई अवसंरचना से पर्यटन, व्यापार और रोज़गार सृजन को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि राजस्थान भारत के शीर्ष विदेशी पर्यटन गंतव्यों में से एक है और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी इस क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को और विस्तार दे सकती है। यह योजना ऐसे समय में आई है जब भारत के घरेलू विमानन बाज़ार में यात्री संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है।