बेंगलुरु में लग्जरी कार चोरी गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत दो गिरफ्तार; ₹35 लाख की टोयोटा फॉर्च्यूनर बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को लग्जरी कारें चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर राजस्थान के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के रेगिस्तानी इलाके से ₹35 लाख मूल्य की टोयोटा फॉर्च्यूनर बरामद की, जिसे बेंगलुरु के होसुर रोड स्थित एक होटल की पार्किंग से चुराया गया था।
मामले की शुरुआत कैसे हुई
शिकायतकर्ता, जो चेन्नई का निवासी है, 26 जून 2026 को अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर से बेंगलुरु आया था और सिंगासांद्रा, होसुर रोड स्थित एक होटल में ठहरा था। उसी रात फिल्म देखकर करीब रात 1:30 बजे लौटने के बाद उसने कार होटल की पार्किंग में लॉक करके खड़ी की। अगली सुबह जब वह पार्किंग पहुँचा तो कार गायब मिली, जिसके बाद उसने परप्पना अग्रहारा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मुख्य घटनाक्रम और गिरफ्तारियाँ
जाँच के दौरान पुलिस ने मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। 4 जुलाई 2026 को पुलिस टीम बेलगावी-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कराड के पास आरोपियों को दबोचने पहुँची। इस दौरान मुख्य आरोपी चोरी की कार लेकर फरार हो गया, लेकिन उसकी महिला साथी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वे दोनों महँगी कारें चोरी कर उन्हें बेचते थे।
इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के पुलिस उपायुक्त एम. नारायण ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की। टीम ने 17 जुलाई 2026 को सिल्क बोर्ड इलाके के पास विश्वसनीय सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का तरीकावार
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि वह आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सहायता से लग्जरी कारों की डुप्लीकेट चाबियाँ तैयार करता था। इन नकली चाबियों से कार के दरवाजे खोलकर वह वाहन चुरा लेता और फिर उन्हें राजस्थान के बाड़मेर, बालोतरा तथा आसपास के रेगिस्तानी इलाकों में अपने परिचितों को बेच देता था। अदालत ने मुख्य आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
वाहन की बरामदगी
आरोपी की निशानदेही पर 24 जुलाई 2026 को राजस्थान के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के अलेटी के रेगिस्तानी इलाके से चोरी की गई टोयोटा फॉर्च्यूनर बरामद की गई। पुलिस जाँच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी के खिलाफ बेंगलुरु, हैदराबाद, राजस्थान और तमिलनाडु के विभिन्न थानों में कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस टीम और आगे की जाँच
पूरे ऑपरेशन को डीसीपी एम. नारायण के मार्गदर्शन और एसीपी सतीश आर. के नेतृत्व में परप्पना अग्रहारा थाना प्रभारी नवीन कुमार पी.जी. तथा उनकी टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, मामले की आगे की जाँच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।