मिजोरम CM लालदुहोमा ने MHIP के नए मुख्यालय की रखी आधारशिला, महिला संगठन की विवाह कानून में भूमिका सराही
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को आइजोल में मिजो ह्मीचे इनसुइखवम पॉल (MHIP) के नए जनरल हेडक्वार्टर भवन की आधारशिला रखी और कहा कि इस महिला संगठन ने 'मिजो विवाह, तलाक और संपत्ति उत्तराधिकार अधिनियम, 2014' को लागू कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर MHIP की दशकों लंबी सेवा को राज्य के सामाजिक ढाँचे का अनिवार्य हिस्सा बताया।
MHIP की भूमिका और उपलब्धियाँ
लालदुहोमा ने कहा कि MHIP मिजोरम में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए काम करने वाला एकमात्र प्रमुख गैर-सरकारी संगठन है, जिसे सरकारी सहयोग से स्थापित किया गया था। उन्होंने बताया कि संगठन के उत्कृष्ट कार्यों की पहचान में 2016 में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने MHIP को प्रतिष्ठित 'नारी शक्ति पुरस्कार' से सम्मानित किया था। संगठन की पहलों से राज्यभर की महिलाओं और बच्चों को व्यापक राहत मिली है।
6 जुलाई, 1974 को स्थापित MHIP मिजोरम का सबसे बड़ा स्वयंसेवी महिला संगठन है, जो महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कल्याण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में पाँच दशकों से सक्रिय है। गौरतलब है कि संगठन के पुराने मुख्यालय भवन का उपयोग सबसे पहले 20 अप्रैल, 1993 को शुरू हुआ था।
नए मुख्यालय का निर्माण
नया मुख्यालय भवन उसी स्थान पर बनाया जाएगा जहाँ पुराना भवन था। इसकी अनुमानित लागत ₹3.70 करोड़ है और इसके लिए 'राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता' (SASCI) 2025-26 के तहत वित्त पोषण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने MHIP से आग्रह किया कि वे निर्माण कार्य पर शुरू से अंत तक कड़ी निगरानी रखें ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
सरकार की प्रतिबद्धता और अन्य विकास कार्य
लालदुहोमा ने कहा कि MHIP और अन्य स्वयंसेवी संगठन समाज के मुख्य स्तंभ हैं, जो युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हैं। इसलिए सरकार ऐसे संगठनों को अधिकतम सहायता देना अपना दायित्व मानती है। साथ ही उन्होंने MHIP को स्वयं आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री ने अन्य विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थिंग्सुलथ्लियाह में यंग मिजो एसोसिएशन (YMA) की भूमि पर 'स्वदेश दर्शन 2.0' के अंतर्गत एक बड़ा कन्वेंशन सेंटर निर्मित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, महिला कल्याण के तहत राज्य में सात अलग-अलग स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास भी बनाए जा रहे हैं।
परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर
विकास परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक और समयबद्ध तरीके से लागू करने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नई 'वित्तीय सलाहकार प्रणाली' के तहत विभिन्न विभागों के सचिवों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। SASCI फंड के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि नए आवंटन का उपयोग करने से पहले पूर्व परियोजनाओं को पूर्ण करना और उनके लेखे का निपटारा अनिवार्य है। उन्होंने सभी हितधारकों से बेहतर समन्वय का आह्वान किया ताकि परियोजनाएँ तय समयसीमा में पूरी हो सकें।
आगे की राह
MHIP के नए मुख्यालय का निर्माण न केवल संगठन की संस्थागत मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह मिजोरम सरकार की महिला-केंद्रित विकास नीति का भी संकेत देता है। राज्य में महिलाओं के लिए चल रही छात्रावास परियोजनाएँ और SASCI के तहत वित्त पोषण यह दर्शाते हैं कि सरकार सामाजिक बुनियादी ढाँचे में निवेश को प्राथमिकता दे रही है।