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मिजोरम CM लालदुहोमा ने MHIP के नए मुख्यालय की रखी आधारशिला, महिला संगठन की विवाह कानून में भूमिका सराही

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मिजोरम CM लालदुहोमा ने MHIP के नए मुख्यालय की रखी आधारशिला, महिला संगठन की विवाह कानून में भूमिका सराही

सारांश

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने आइजोल में MHIP के ₹3.70 करोड़ के नए मुख्यालय की आधारशिला रखी और पाँच दशक पुराने इस महिला संगठन को मिजो विवाह कानून लागू कराने का श्रेय दिया। राज्य में सात स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के छात्रावास और स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत कन्वेंशन सेंटर भी बन रहे हैं।

मुख्य बातें

मिजोरम के CM लालदुहोमा ने 17 अगस्त 2026 को आइजोल में MHIP के नए जनरल हेडक्वार्टर की आधारशिला रखी।
नया भवन ₹3.70 करोड़ की लागत से बनेगा; SASCI 2025-26 के तहत वित्त पोषण।
MHIP ने 'मिजो विवाह, तलाक और संपत्ति उत्तराधिकार अधिनियम, 2014' लागू कराने में अहम भूमिका निभाई।
संगठन को 2016 में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से 'नारी शक्ति पुरस्कार' मिला था।
राज्य में सात स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास निर्माणाधीन; थिंग्सुलथ्लियाह में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत कन्वेंशन सेंटर बन रहा है।
MHIP की स्थापना 6 जुलाई, 1974 को हुई थी; यह मिजोरम का सबसे बड़ा महिला स्वयंसेवी संगठन है।

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को आइजोल में मिजो ह्मीचे इनसुइखवम पॉल (MHIP) के नए जनरल हेडक्वार्टर भवन की आधारशिला रखी और कहा कि इस महिला संगठन ने 'मिजो विवाह, तलाक और संपत्ति उत्तराधिकार अधिनियम, 2014' को लागू कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर MHIP की दशकों लंबी सेवा को राज्य के सामाजिक ढाँचे का अनिवार्य हिस्सा बताया।

MHIP की भूमिका और उपलब्धियाँ

लालदुहोमा ने कहा कि MHIP मिजोरम में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए काम करने वाला एकमात्र प्रमुख गैर-सरकारी संगठन है, जिसे सरकारी सहयोग से स्थापित किया गया था। उन्होंने बताया कि संगठन के उत्कृष्ट कार्यों की पहचान में 2016 में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने MHIP को प्रतिष्ठित 'नारी शक्ति पुरस्कार' से सम्मानित किया था। संगठन की पहलों से राज्यभर की महिलाओं और बच्चों को व्यापक राहत मिली है।

6 जुलाई, 1974 को स्थापित MHIP मिजोरम का सबसे बड़ा स्वयंसेवी महिला संगठन है, जो महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कल्याण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में पाँच दशकों से सक्रिय है। गौरतलब है कि संगठन के पुराने मुख्यालय भवन का उपयोग सबसे पहले 20 अप्रैल, 1993 को शुरू हुआ था।

नए मुख्यालय का निर्माण

नया मुख्यालय भवन उसी स्थान पर बनाया जाएगा जहाँ पुराना भवन था। इसकी अनुमानित लागत ₹3.70 करोड़ है और इसके लिए 'राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता' (SASCI) 2025-26 के तहत वित्त पोषण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने MHIP से आग्रह किया कि वे निर्माण कार्य पर शुरू से अंत तक कड़ी निगरानी रखें ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

सरकार की प्रतिबद्धता और अन्य विकास कार्य

लालदुहोमा ने कहा कि MHIP और अन्य स्वयंसेवी संगठन समाज के मुख्य स्तंभ हैं, जो युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हैं। इसलिए सरकार ऐसे संगठनों को अधिकतम सहायता देना अपना दायित्व मानती है। साथ ही उन्होंने MHIP को स्वयं आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने अन्य विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थिंग्सुलथ्लियाह में यंग मिजो एसोसिएशन (YMA) की भूमि पर 'स्वदेश दर्शन 2.0' के अंतर्गत एक बड़ा कन्वेंशन सेंटर निर्मित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, महिला कल्याण के तहत राज्य में सात अलग-अलग स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास भी बनाए जा रहे हैं।

परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर

विकास परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक और समयबद्ध तरीके से लागू करने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नई 'वित्तीय सलाहकार प्रणाली' के तहत विभिन्न विभागों के सचिवों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। SASCI फंड के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि नए आवंटन का उपयोग करने से पहले पूर्व परियोजनाओं को पूर्ण करना और उनके लेखे का निपटारा अनिवार्य है। उन्होंने सभी हितधारकों से बेहतर समन्वय का आह्वान किया ताकि परियोजनाएँ तय समयसीमा में पूरी हो सकें।

आगे की राह

MHIP के नए मुख्यालय का निर्माण न केवल संगठन की संस्थागत मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह मिजोरम सरकार की महिला-केंद्रित विकास नीति का भी संकेत देता है। राज्य में महिलाओं के लिए चल रही छात्रावास परियोजनाएँ और SASCI के तहत वित्त पोषण यह दर्शाते हैं कि सरकार सामाजिक बुनियादी ढाँचे में निवेश को प्राथमिकता दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पाँच दशकों से राज्य के सामाजिक ताने-बाने को थामे है। हालाँकि, SASCI जैसी केंद्र-प्रायोजित योजनाओं पर निर्भरता और 'पहले पुरानी परियोजनाएँ पूरी करो' की शर्त यह संकेत देती है कि राज्य में परियोजना क्रियान्वयन की रफ्तार अभी भी चिंता का विषय है। MHIP को आत्मनिर्भर बनने का आह्वान स्वागतयोग्य है, लेकिन बिना ठोस आय-सृजन मॉडल के यह केवल एक आदर्श वाक्य बनकर रह सकता है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MHIP (मिजो ह्मीचे इनसुइखवम पॉल) क्या है?
MHIP मिजोरम का सबसे बड़ा महिला स्वयंसेवी संगठन है, जिसकी स्थापना 6 जुलाई, 1974 को हुई थी। यह महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कल्याण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में काम करता है और 2016 में केंद्र सरकार से 'नारी शक्ति पुरस्कार' प्राप्त कर चुका है।
MHIP के नए मुख्यालय की लागत कितनी है और इसका वित्त पोषण कहाँ से होगा?
नए मुख्यालय भवन की अनुमानित लागत ₹3.70 करोड़ है। इसका वित्त पोषण 'राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता' (SASCI) 2025-26 के तहत किया जा रहा है।
मिजो विवाह, तलाक और संपत्ति उत्तराधिकार अधिनियम, 2014 में MHIP की क्या भूमिका थी?
CM लालदुहोमा के अनुसार, MHIP ने इस कानून को लागू कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह अधिनियम मिजोरम में विवाह, तलाक और संपत्ति उत्तराधिकार से जुड़े अधिकारों को विधिक आधार प्रदान करता है।
मिजोरम में कामकाजी महिलाओं के लिए कितने छात्रावास बनाए जा रहे हैं?
मिजोरम सरकार राज्य में सात अलग-अलग स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास निर्मित कर रही है। यह महिला कल्याण के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
थिंग्सुलथ्लियाह में कौन-सा प्रमुख विकास कार्य हो रहा है?
थिंग्सुलथ्लियाह में यंग मिजो एसोसिएशन (YMA) की भूमि पर 'स्वदेश दर्शन 2.0' के अंतर्गत एक बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। CM लालदुहोमा ने इसकी जानकारी MHIP मुख्यालय की आधारशिला रखने के अवसर पर दी।
राष्ट्र प्रेस
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