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लौकी कलाकंद: गर्मियों की सेहतमंद मिठाई, घर पर बनाएं आसान विधि से

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लौकी कलाकंद: गर्मियों की सेहतमंद मिठाई, घर पर बनाएं आसान विधि से

सारांश

गर्मियों में मीठे की तलब हो तो लौकी कलाकंद एक बेहतरीन विकल्प है — कम कैलोरी, पाचन के लिए फायदेमंद और बनाने में आसान। फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह मिठाई स्वाद और सेहत दोनों का शानदार संगम है।

मुख्य बातें

लौकी कलाकंद गर्मियों के लिए एक कम कैलोरी और पोषण से भरपूर मिठाई है।
लौकी में फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम, विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।
पोटैशियम रक्तचाप नियंत्रित रखता है; फाइबर कब्ज, गैस और एसिडिटी में राहत देता है।
बनाने की विधि में घी, मावा/मिल्क पाउडर, चीनी और इलायची का उपयोग होता है।
तैयार कलाकंद को बादाम, पिस्ता या नारियल से सजाकर परोसा जाता है।

गर्मियों में लौकी कलाकंद एक ऐसी मिठाई है जो स्वाद और पोषण दोनों का संतुलन बनाती है। कम कैलोरी और भरपूर पोषक तत्वों से युक्त यह मिठाई स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों के लिए एक आदर्श विकल्प मानी जाती है। नई दिल्ली सहित देशभर में गर्मी के मौसम में इस पारंपरिक रेसिपी की माँग बढ़ जाती है।

लौकी के पोषण गुण

लौकी में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायता मिलती है। इसमें फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम, विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, लौकी का नियमित सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और पेट को ठंडक प्रदान करता है। यह ऐसे समय में विशेष रूप से उपयोगी है जब गर्मी में शरीर को हल्के और पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है।

स्वास्थ्य लाभ

फाइबर की उपस्थिति के कारण लौकी कलाकंद कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत दिलाने में सहायक मानी जाती है। कम कैलोरी होने से यह वजन नियंत्रण में भी मदद करती है।

पोटैशियम रक्तचाप को संतुलित रखता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में योगदान देता है। इसके अलावा, यह मिठाई त्वचा की चमक बढ़ाने और शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक बताई जाती है।

लौकी कलाकंद बनाने की विधि

सबसे पहले ताजी लौकी को अच्छी तरह धोकर छील लें, बीज निकालें और कद्दूकस कर लें। कढ़ाई में दो बड़े चम्मच घी गर्म करें और कद्दूकस की हुई लौकी डालकर मध्यम आँच पर 10–15 मिनट तक भूनें।

इसके बाद स्वादानुसार चीनी मिलाएँ और पानी सूखने तक पकाएँ। फिर मावा या मिल्क पाउडर और थोड़ा घी डालकर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक मिश्रण गाढ़ा और दानेदार न हो जाए।

अंत में इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएँ। तैयार मिश्रण को थाली या ट्रे में फैलाकर ठंडा होने दें और मनचाहे आकार में काटें। ऊपर से बादाम, नारियल या पिस्ता से सजाकर परोसें।

किन्हें होगा विशेष फायदा

यह मिठाई उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है जो मीठे का आनंद लेना चाहते हैं लेकिन कैलोरी को लेकर सतर्क रहते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी इसे बिना किसी चिंता के गर्मियों में खा सकते हैं।

आने वाले त्योहारों और पारिवारिक समारोहों में लौकी कलाकंद एक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प के रूप में पारंपरिक मिठाइयों की जगह ले सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मधुमेह रोगियों के लिए सावधानी की माँग करता है — इस पहलू को अधिकतर रेसिपी कवरेज में नज़रअंदाज़ किया जाता है। गर्मियों में हाइड्रेशन और हल्के भोजन की ज़रूरत के बीच, यह मिठाई एक व्यावहारिक विकल्प ज़रूर है, लेकिन 'सेहतमंद' का दावा तभी पूरा होगा जब चीनी की मात्रा सीमित रखी जाए।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लौकी कलाकंद क्या है और यह सामान्य कलाकंद से कैसे अलग है?
लौकी कलाकंद एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है जिसमें मावे या मिल्क पाउडर के साथ कद्दूकस की हुई लौकी मिलाई जाती है। सामान्य कलाकंद की तुलना में इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे यह अपेक्षाकृत हल्की और पाचन के लिए बेहतर मानी जाती है।
लौकी कलाकंद के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
लौकी में फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम और विटामिन ए होते हैं जो पाचन सुधारने, रक्तचाप नियंत्रित करने और शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक हैं। फाइबर की वजह से कब्ज और एसिडिटी में राहत मिलती है, और कम कैलोरी होने से वजन प्रबंधन में भी मदद मिलती है।
घर पर लौकी कलाकंद कैसे बनाएं?
लौकी को कद्दूकस करके घी में 10–15 मिनट भूनें, फिर चीनी मिलाकर पानी सूखने तक पकाएँ। इसके बाद मावा या मिल्क पाउडर और इलायची पाउडर डालकर मिश्रण गाढ़ा होने तक चलाएँ, थाली में फैलाकर ठंडा करें और काटकर बादाम-पिस्ता से सजाएँ।
क्या लौकी कलाकंद गर्मियों में खाना सुरक्षित है?
हाँ, लौकी की उच्च जल-सामग्री गर्मियों में शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन प्रदान करती है। यह एनर्जी बनाए रखने में भी सहायक मानी जाती है। हालाँकि मधुमेह रोगियों को चीनी की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
लौकी कलाकंद में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?
इसके लिए ताजी लौकी, घी, चीनी, मावा या मिल्क पाउडर और इलायची पाउडर की आवश्यकता होती है। सजावट के लिए बादाम, पिस्ता या कद्दूकस किया नारियल इस्तेमाल किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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