19 अक्टूबर 2026
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लंदन भारत-विरोधी प्रदर्शन: OBC BJP UK का दावा, ध्रुव राठी की रैली में ISI से जुड़े तत्व थे मौजूद

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लंदन भारत-विरोधी प्रदर्शन: OBC BJP UK का दावा, ध्रुव राठी की रैली में ISI से जुड़े तत्व थे मौजूद

सारांश

लंदन में ध्रुव राठी से जुड़े भारत-विरोधी प्रदर्शनों पर OBC BJP UK के बिक्रम बनर्जी का बड़ा दावा — ISI से जुड़े तत्व, खालिस्तानी और पाकिस्तानी मीडियाकर्मी कथित तौर पर मौजूद थे। सबूत अधिकारियों को सौंपे जा रहे हैं। कांग्रेस और भारतीय उच्चायोग का छात्र कार्यक्रम भी सुरक्षा कारणों से रद्द हुआ।

मुख्य बातें

OBC BJP UK संयोजक बिक्रम बनर्जी ने 19 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि ध्रुव राठी के लंदन प्रदर्शन में ISI से जुड़े तत्व कथित तौर पर मौजूद थे।
बनर्जी के अनुसार प्रदर्शन में ISI-वित्तपोषित खालिस्तानी , पाकिस्तानी मुसलमान और पाकिस्तानी मीडियाकर्मी शामिल थे; साक्ष्य अधिकारियों को सौंपे जा रहे हैं।
भारतीय उच्चायोग, लंदन में 600-700 छात्रों का कार्यक्रम सुरक्षा कारणों से रद्द करना पड़ा।
बनर्जी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह 'राष्ट्र-विरोधी लोगों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है'; कांग्रेस की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं।
ये सभी दावे OBC BJP UK की ओर से किए गए हैं और राष्ट्र प्रेस ने इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।

लंदन में हाल ही में आयोजित भारत-विरोधी प्रदर्शनों को लेकर ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा यूके (OBC BJP UK) के संयोजक बिक्रम बनर्जी ने 19 अक्टूबर 2026 को गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि यूट्यूबर ध्रुव राठी से जुड़े इन प्रदर्शनों में कथित तौर पर आईएसआई से संबद्ध पाकिस्तानी नागरिक, आईएसआई-वित्तपोषित खालिस्तानी तत्व और पाकिस्तानी मीडियाकर्मी शरीक थे। बनर्जी के अनुसार, इस संबंध में उनके पास साक्ष्य हैं जिन्हें वे संबंधित अधिकारियों के साथ साझा कर रहे हैं।

प्रदर्शन स्थल पर बनर्जी की मौजूदगी और अवलोकन

बिक्रम बनर्जी ने बताया कि वे स्वयं शुक्रवार और शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान वहाँ अवलोकन के लिए उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस के 4-5 प्रतिनिधियों, वामपंथी SFI से जुड़े कुछ लोगों और विभिन्न भारत-विरोधी समूहों के सदस्यों को देखा। उन्होंने आगे यह भी कहा कि इन प्रदर्शनों में युवा भारतीय छात्र नदारद थे।

बनर्जी के अनुसार, भारतीय उच्चायोग में शुक्रवार को 600-700 छात्रों का एक कार्यक्रम निर्धारित था, जिसे सुरक्षा कारणों से रद्द करना पड़ा। उन्होंने इसे 'चिंताजनक' करार दिया।

ISI संबंध और खालिस्तानी तत्वों का आरोप

बनर्जी ने दावा किया कि प्रदर्शन में ISI से जुड़े पाकिस्तानी मुसलमानों और ISI-वित्तपोषित खालिस्तानियों की 'महत्वपूर्ण उपस्थिति' थी। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तानी मीडियाकर्मी भी उसका हिस्सा थे। हमारे पास इसका सबूत है।' साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई है जिनका भारत से संबंध है और उनके विवरण अधिकारियों के साथ साझा किए जा रहे हैं। राष्ट्र प्रेस इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना

बनर्जी ने कांग्रेस पार्टी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि कांग्रेस, जो कभी एक मध्यमार्गी लोकतांत्रिक पार्टी थी, अब राष्ट्र-विरोधी लोगों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है।' उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे 'बकवास मुद्दों' को उठा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

SIR, बांग्लादेशी मतदाता और चुनावी प्रक्रिया पर बयान

बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इसका संबंध अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले लोगों, विशेषकर बांग्लादेशी मुसलमानों, से है। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी और अन्य राजनीतिक ताकतों ने इन्हें मतदाता सूची में शामिल किया, जबकि अदालत की निगरानी में संपन्न चुनावी प्रक्रिया के परिणाम अब सबके सामने हैं। ये दावे विवादास्पद हैं और विपक्ष इन्हें सिरे से खारिज करता है।

भारत की लोकतांत्रिक मजबूती पर जोर

बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन जब 'भारत-विरोधी ताकतें और पश्चिमी निहित स्वार्थ' इसमें घुस आते हैं, तब यह चिंताजनक हो जाता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उद्धृत करते हुए कहा कि 'PM नरेंद्र मोदी हमेशा अपने देश के हित में काम करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में जो 'अस्थिरता की चालें' कारगर रहीं, वे भारत में नहीं चलेंगी क्योंकि भारत एक 'बहुत मजबूत लोकतंत्र' है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी विश्वसनीयता तभी तय होगी जब कथित 'सबूत' सार्वजनिक या न्यायिक जाँच के दायरे में आएँ। लंदन के प्रदर्शनों को भारत के आंतरिक राजनीतिक विमर्श से जोड़ने की यह कोशिश नई नहीं है — विदेश में होने वाले भारत-विरोधी आयोजनों पर ISI या खालिस्तानी कनेक्शन के आरोप नियमित रूप से लगते रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये साक्ष्य ब्रिटिश या भारतीय सुरक्षा एजेंसियों तक पहुँचेंगे और उन पर कार्रवाई होगी, या यह केवल एक राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

OBC BJP UK ने लंदन प्रदर्शन को लेकर क्या दावा किया है?
OBC BJP UK के संयोजक बिक्रम बनर्जी ने दावा किया है कि लंदन में ध्रुव राठी से जुड़े भारत-विरोधी प्रदर्शनों में ISI से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक, ISI-वित्तपोषित खालिस्तानी और पाकिस्तानी मीडियाकर्मी कथित तौर पर मौजूद थे। उनके अनुसार इस संबंध में साक्ष्य अधिकारियों को सौंपे जा रहे हैं।
ध्रुव राठी का लंदन प्रदर्शन से क्या संबंध बताया गया है?
बिक्रम बनर्जी ने इन लंदन विरोध प्रदर्शनों को ध्रुव राठी से जुड़ा बताया है। हालाँकि, राष्ट्र प्रेस ने इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और ध्रुव राठी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
भारतीय उच्चायोग लंदन में छात्र कार्यक्रम क्यों रद्द हुआ?
बिक्रम बनर्जी के अनुसार, शुक्रवार को भारतीय उच्चायोग, लंदन में 600-700 छात्रों का एक कार्यक्रम निर्धारित था जिसे सुरक्षा कारणों से रद्द करना पड़ा। उच्चायोग की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है।
क्या इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?
नहीं। ये सभी दावे OBC BJP UK के संयोजक बिक्रम बनर्जी की ओर से किए गए हैं। राष्ट्र प्रेस ने ISI संबंध, खालिस्तानी उपस्थिति या पाकिस्तानी मीडियाकर्मियों की भागीदारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। कांग्रेस या ध्रुव राठी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
बनर्जी ने SIR और बांग्लादेशी मतदाताओं पर क्या कहा?
बनर्जी ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का उद्देश्य अवैध रूप से देश में दाखिल हुए लोगों, विशेषकर बांग्लादेशी मुसलमानों, को मतदाता सूची से हटाना था। उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसे लोगों को मतदाता बनाया, और कहा कि अदालत की निगरानी में हुई चुनावी प्रक्रिया के परिणाम सामने आ चुके हैं। ये दावे विवादास्पद हैं।
राष्ट्र प्रेस
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