28 अक्टूबर 2026
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भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' दरअसल सीईसी ज्ञानेश कुमार बचाओ रैली है: एस.टी. हसन

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भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' दरअसल सीईसी ज्ञानेश कुमार बचाओ रैली है: एस.टी. हसन

सारांश

कांग्रेस नेता डॉ. एस.टी. हसन ने भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' को CEC ज्ञानेश कुमार की 'बचाव रैली' करार दिया। उन्होंने पाकिस्तान-आतंकवाद नीति, मोदी-गजनवी तुलना और यूपी में वोट-विभाजन के मुद्दे पर भी तीखे बयान दिए।

मुख्य बातें

हसन ने 28 अक्टूबर 2026 को मुरादाबाद में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च को CEC ज्ञानेश कुमार की बचाव रैली बताया।
हसन ने आरोप लगाया कि वोट काटना और सरकार बनाना 'चोरी' के समान है — कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली से पहले यह बयान आया।
SCO बैठक में पाकिस्तान को आमंत्रण पर उन्होंने कहा — पहले पाकिस्तान आतंकवाद खत्म करे, तभी रिश्ते सामान्य हों।
वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी की मोदी-गजनवी तुलना का समर्थन करते हुए हसन ने सनातन की 'आड़' पर सवाल उठाए।
बाबा रामदेव के ओवैसी-यूपी बयान पर हसन ने माना — पंथनिरपेक्ष वोट बँटने पर भाजपा को फायदा होता है।

कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन ने 28 अक्टूबर 2026 को मुरादाबाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रस्तावित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मार्च असल में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को राजनीतिक संरक्षण देने की कोशिश है, न कि लोकतंत्र की रक्षा का कोई वास्तविक प्रयास।

सीईसी बचाव का आरोप

डॉ. हसन ने कहा, 'ये बड़ी हैरत की बात है कि देश की इतनी बड़ी पार्टी सीईसी ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए रैली निकालेगी।' उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र समाप्त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संविधान की धज्जियाँ उड़ गई हैं। उन्होंने कहा, 'चोरी से वोट काटना, चोरी की सरकारें बनाना, लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित करना — क्या ये लोकतंत्र है?'

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस 1 नवंबर को एक बड़ी रैली करने वाली है। भाजपा का यह मार्च उसी के विरोध में आयोजित किया जा रहा है, और डॉ. हसन के अनुसार, इस मार्च का असली उद्देश्य चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों से ध्यान हटाना है।

पाकिस्तान और एससीओ बैठक पर रुख

दिल्ली में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में 'ऑपरेशन सिंदूर' के बावजूद पाकिस्तान को आमंत्रित किए जाने के सवाल पर डॉ. हसन ने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों से अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन पाकिस्तान की भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, 'हमारे देश में जितनी भी आतंकवादी गतिविधियाँ हुई हैं, उनकी जड़ें पाकिस्तान में पाई गई हैं। पाकिस्तान पहले अपने यहाँ से आतंकवाद को खत्म करे, तो हम उसे गले लगाने को तैयार हैं।'

अमित शाह के यूपी दौरे पर टिप्पणी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे को चुनावी रणनीति से जोड़े जाने के सवाल पर डॉ. हसन ने संयमित जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'हर पार्टी तैयारी कर रही है, कार्यकर्ताओं से मिल रही है। इस वक्त वे गृह मंत्री हैं, तो वे पार्टी कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देंगे।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।

मोदी-गजनवी तुलना पर समर्थन

वरिष्ठ कांग्रेस नेता राशिद अल्वी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना महमूद गजनवी से किए जाने का डॉ. हसन ने समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'गजनवी और इन लोगों में फर्क क्या रह गया है? जो लोग अपने नाम के साथ सनातन की दुहाई देते हैं, क्या कोई सनातनी श्री रामचंद्र जी के मंदिर में चोरी कर सकता है?' गौरतलब है कि यह बयान एक ऐसे विवाद के बीच आया है जो सत्तारूढ़ दल की धार्मिक पहचान को लेकर छिड़ा है।

ओवैसी और वोट-विभाजन का मुद्दा

योग गुरु बाबा रामदेव के उस बयान पर — कि यूपी में एआईएमआईएम के चुनाव लड़ने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फायदा होगा — डॉ. हसन ने कहा कि जहाँ भी पंथनिरपेक्ष वोटों का बँटवारा होता है, उसका सीधा लाभ भाजपा को मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि असदुद्दीन ओवैसी इस बार मुस्लिम मतदाताओं से भाजपा-विरोधी उम्मीदवार को समर्थन देने की अपील करेंगे।

डॉ. हसन के ये बयान उत्तर प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी के बीच आए हैं, जहाँ सभी दल अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर अपनी-अपनी रणनीति तय कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताती है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की राजनीतिक ज़मीन छीनने की कोशिश में हैं। ओवैसी और वोट-विभाजन पर हसन की टिप्पणी दर्शाती है कि विपक्ष की सबसे बड़ी चुनौती बाहरी नहीं, बल्कि अपने ही खेमे में मतों के बिखराव को रोकना है। मोदी-गजनवी तुलना का समर्थन जहाँ कांग्रेस के एक वर्ग को साथ लाता है, वहीं यह उस मध्यमार्गी मतदाता को असहज भी कर सकता है जिसे पार्टी लुभाने की कोशिश कर रही है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एस.टी. हसन ने भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' को क्या कहा?
डॉ. हसन ने इसे CEC ज्ञानेश कुमार की 'बचाव रैली' बताया। उनके अनुसार, भाजपा एक व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण देने के लिए यह मार्च निकाल रही है, न कि लोकतंत्र की वास्तविक रक्षा के लिए।
SCO बैठक में पाकिस्तान की भागीदारी पर हसन का क्या रुख है?
हसन ने कहा कि भारत पड़ोसियों से अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन पाकिस्तान को पहले अपने यहाँ से आतंकवाद खत्म करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में हुई आतंकवादी गतिविधियों की जड़ें पाकिस्तान में मिली हैं।
मोदी और गजनवी की तुलना पर डॉ. हसन ने क्या कहा?
हसन ने वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी की तुलना का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन का नाम लेकर राम मंदिर में चोरी जैसे कार्य करें, वे सनातनी नहीं हो सकते।
ओवैसी और यूपी में वोट-विभाजन पर हसन की क्या राय है?
हसन ने माना कि जहाँ भी पंथनिरपेक्ष वोट बँटता है, उसका सीधा लाभ भाजपा को मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ओवैसी इस बार भाजपा-विरोधी उम्मीदवार को समर्थन देने की अपील करेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह के यूपी दौरे पर हसन ने क्या कहा?
हसन ने इसे चुनावी तैयारी का हिस्सा बताते हुए कहा कि हर पार्टी अपने कार्यकर्ताओं से मिलती है। उन्होंने इसे असामान्य नहीं माना, लेकिन संकेत दिया कि यूपी चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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