लंदन में भारतीय प्रवासियों ने सीजेपी को बताया 'कन्फ्यूज्ड जनता पार्टी', पाक-बांग्लादेशी मौजूदगी पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
लंदन में 17 अक्टूबर को भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में एकत्र हुए भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों की कड़ी आलोचना की और इस संगठन को 'कन्फ्यूज्ड जनता पार्टी' करार दिया। प्रवासियों ने विरोध प्रदर्शन में पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलिस्तीन से जुड़े लोगों की कथित मौजूदगी पर भी सवाल उठाए।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय उच्चायोग के बाहर तिरंगा लहराते हुए प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने 'मोदी-मोदी', 'भारत माता की जय' और 'जय श्री राम' के नारे लगाए। यह रैली उन प्रदर्शनों के विरोध में आयोजित की गई थी, जो कथित तौर पर भारत की विदेश में छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे थे।
गौरतलब है कि यह समर्थन प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब भारत में कांग्रेस-नीत इंडिया गठबंधन और सीजेपी, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर विरोध में उतरे हुए हैं।
प्रवासियों की प्रतिक्रिया
लंदन में रहने वाले एक प्रवासी सदस्य ने कहा, 'हम यहाँ पीएम मोदी और भारत के समर्थन में इकट्ठा हुए हैं। सीजेपी के ये सभी लोग, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी कहा जा रहा है, वास्तव में एक कन्फ्यूज्ड जनता पार्टी हैं क्योंकि उन्हें खुद भी नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'यहाँ पाकिस्तानी हैं, बांग्लादेशी हैं और यहाँ तक कि फिलिस्तीनी भी हैं। इसका उनसे क्या लेना-देना है? यह भारत से संबंधित विरोध प्रदर्शन है। हम भारत माता की जय कहते हैं, लेकिन वे नहीं कहते।'
राजनीति और लोकतंत्र पर मत
समुदाय के एक अन्य सदस्य ने कहा, 'मेरी राय में सारी भारतीय राजनीति भारत के भीतर ही रहनी चाहिए, क्योंकि जो लोग वोट दे सकते हैं वे वहीं रहते हैं। अगर उन्हें यह सरकार पसंद नहीं है तो उन्हें अपनी विचारधारा के आधार पर उस सरकार को वोट देना चाहिए जिसका वे समर्थन करते हैं। देश के बाहर भारत की छवि को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए।'
एक अन्य प्रतिभागी ने कहा, 'हम यहाँ अपने जीवंत लोकतंत्र के समर्थन में हैं, जिसने पीएम मोदी को तीन बार चुना है।'
विदेशी फंडिंग का आरोप
एक प्रतिभागी ने आरोप लगाया कि सीजेपी की गतिविधियाँ कथित तौर पर विदेशी फंडिंग से संचालित हैं और इसका पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने कहा कि इन समूहों में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़कर जीतने की हिम्मत नहीं है। यह आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है।
व्यापक संदर्भ
भारत में विपक्षी समूहों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की है। लंदन में हुआ यह प्रति-प्रदर्शन उसी विवाद की अंतरराष्ट्रीय अनुगूँज के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-ब्रिटेन के बीच प्रवासी समुदाय की राजनीतिक सक्रियता बढ़ती जा रही है।